7 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रिसीवरी में कल्याणजी की सेवा, गिरदावरों ने सम्भाला प्रसाद वितरण का काम

पुजारी दुर्गालाल के निधन के बाद निज मन्दिर में सेवा करने को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो थी

2 min read
Google source verification
Diggy Kalyan ji

डिग्गी के श्रीकल्याण मन्दिर की व्यवस्थाएं सम्भालते अधिकारी।

मालपुरा. डिग्गी स्थित श्रीजी के मन्दिर में बुधवार को श्रीजी की सेवा रिसीवरी में शुरू हुई। सेवा को लेकर मंगलवार को उपजे विवाद के बाद एसडीएम शंकरलाल सैनी के निर्देशों पर नायब तहसीलदार डिग्गी को रिसीवर नियुक्त कर सेवा करने के आदेशों के बाद मन्दिर में प्रसाद वितरण का कार्य गिरदावरों ने सम्भाला।

चढ़ावे सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी मन्दिर ट्रस्ट को दी गई। ट्रस्ट की ओर से मन्दिर की सेवा के लिए पुजारी की व्यवस्था की गई। शांति व्यवस्था के लिए पुलिस जाप्ता तैनात रहा। उल्लेखनिय है कि डिग्गी स्थित कल्याणजी मन्दिर में पुजारी दुर्गालाल के निधन के बाद मन्दिर में मंगलवार को निज मन्दिर में सेवा करने को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो थी।

सूचना मिलते उपखण्ड अधिकारी शंकरलाल सैनी, वृत्ताधिकारी डॉ. हरिप्रसाद सोमानी व थाना प्रभारी डिग्गी नियाज मोहम्मद मौके पर पहुंचे। इस दौरान पूजा करने के लिए उपखण्ड अधिकारी शंकरलाल सैनी ने नायब तहसीलदार डिग्गी को रिसीवर नियुक्त किया।


मामले के अनुसार 19 से 2 जनवरी तक पुजारी दुर्गालाल की सेवा थी, लेकिन उसके निधन के बाद सेवा कार्य करने को लेकर न्यायालय के आदेशानुसार ट्रस्ट अध्यक्ष को मन्दिर की व दत्तक पुत्र को निज मन्दिर की सेवा करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

इस पर मंगलवार को मृतक का दत्तक पुत्र अश्विनी कुमार निज मन्दिर की सेवा के लिए गया तो मृतक के नजदीकी परिजनों ने आकर मन्दिर में अश्विनी की सेवा को गलत ठहराते हुए हंगामा कर दिया। इस पर मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार बृजलाल मीणा ने प्रशासन को सूचना दी।

बाद में एसडीएम शंकरलाल सैनी ने सेवा अवधि के काल को कुर्क कर लिया तथा श्रीजी की सेवा को ध्यान में रखते हुए पूर्व में जारी निज मन्दिर की सेवा के अश्विनी कुमार के आदेशों को अपास्त कर सेवा अवधि में सेवा के लिए नायब तहसीलदार डिग्गी को रिसीवर नियुक्त किया।

साथ ही बताया कि इस दौरान आने वाले चढ़ावे की व्यवस्था ट्रस्ट मंत्री को तथा नकद राशि, जेवरात, कीमती वस्तुओं को बैंक में जमा करवाने तथा नियमानुसार लेखा-जोखा रखने के निर्देश दिए।