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सिलाई सीखते हुए 200 से अधिक कपड़े सिले, 49,000 की हुई बचत

राजस्थान पत्रिका के जनसरोकार अभियान के तहत पीपलू में महिलाओं व बालिकाओं को स्वरोजगार से जोडऩे एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए चल रहे दो नि:शुल्क सिलाई प्रशिक्षण बैच का समापन समारोह हुआ। इस प्रशिक्षण में 33 महिलाओं एवं बालिकाओं ने 200 से अधिक कपड़े सिले है, जिससे उनको 49 हजार रुपए की बचत हुई है।    

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सिलाई सीखते हुए 200 से अधिक कपड़े सिले, 49,000 की हुई बचत

सिलाई सीखते हुए 200 से अधिक कपड़े सिले, 49,000 की हुई बचत

पीपलू. राजस्थान पत्रिका के जनसरोकार अभियान के तहत पीपलू में महिलाओं व बालिकाओं को स्वरोजगार से जोडऩे एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए चल रहे दो नि:शुल्क सिलाई प्रशिक्षण बैच का समापन समारोह हुआ। इस प्रशिक्षण में 33 महिलाओं एवं बालिकाओं ने 200 से अधिक कपड़े सिले है, जिससे उनको 49 हजार रुपए की बचत हुई है। यह प्रशिक्षण अंत्योदय फाउंडेशन मुंबई एवं ओवरसीज पॉलीमर्स लिमिटेड मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में 20 मार्च से चलाएं गए थे।

अन्त्योदय जिला प्रभारी शिक्षक दिनकर विजयवर्गीय ने बताया कि पीपलू के कृष्णा कुंज में हुए समापन समारोह में पीपलू पंचायत समिति प्रधान रतनी देवी चंदेल, समाजसेवी जगदीश ङ्क्षसह राजावत व कृष्णा कंवर, शिक्षाविद राकेश कुमार नामा, सिलाई ट्रेनर दिव्या राजावत अतिथि रहे, जिनके हाथों सभी को प्रमाण पत्र दिए गए। दिनकर विजयवर्गीय ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के लिए यह प्रशिक्षण चलाया गया। जिसमें सिलाई सीख महिला, बालिकाएं हुनरमंद बन आत्मनिर्भर बनेगी।

इनकी दी ट्रेङ्क्षनग

दिव्या राजावत ने राजपूती पोशाक सहित सब्जी लाने का बैग, तकिया खोली, बेबी फ्रॉक, नवजात शिशु के कपड़े, ब्लाउज, सलवार, कुर्ती, लहंगा, पेटीकोट, प्लाजो, लेडिज टॉप, शर्ट आदि बनाने के लिए कपड़ों की कङ्क्षटग करना एवं सिलना नियमित 3 घंटे सिखाया है। महिला बालिकाओं ने विशेष रूचि दिखाई।

निधि चौहान, कोमल शर्मा, चंचल दाधीच, वर्षा विजयवर्गीय ने बताया कि वर्तमान में राजपूती पोशाक पहनने का क्रेज बढ़ा है। बाजार में इसकी सिलाई महंगी है। ऐसे में इस प्रशिक्षण में सामान्य सिलाई के साथ राजपूती पोशाक भी सिखाएं जाने से उनमें विशेष रूचि रही है।

अब हम सभी सिलाई सेंटर खोल रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करेगी। दिनकर विजयवर्गीय ने बताया कि अन्त्योदय फाउंडेशन मुम्बई एवं ओवरसीज पॉलीमर्स प्रा.लि. मुम्बई टोंक जिले में वर्षभर में 10 नि:शुल्क सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनाएंगे।


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