
विद्यार्थियों ने नारे लगा किया प्रदर्शन , कॉलेज के लगाया ताला, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला
देवली. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय देवली में पेयजल, खेलकूद व पढ़ाई सहित विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर बुधवार को छात्रसंघ अध्यक्ष मनराज मीणा की अगुवाई में छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर हनुमाननगर व देवली थाना पुलिस ने पहुंचकर मामले की जानकारी ली तथा हस्तक्षेप कर प्रदर्शन शांत कराया।
इस दौरान महाविद्यालय में पढ़ाई बाधित रही। छात्रसंघ अध्यक्ष मनराज मीणा के अनुसार गत काफी समय से महाविद्यालय में पढ़ाई सहित आधा दर्जन समस्याएं ऐसी है, जिनके निराकरण नहीं होने से छात्र-छात्राओं को परेशानी हो रही है। इसे लेकर मंगलवार को विद्यार्थियों ने उपखण्ड अधिकारी को भी ज्ञापन सौंपा, लेकिन महाविद्यालय प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
इससे नाराज हुए विद्यार्थियों ने बुधवार सुबह महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अध्यक्ष सहित छात्र-छात्रों ने बताया कि महाविद्यालय प्रशासन की लापरवाही से शुद्ध पेयजल के लिए लगाया आरओ प्लांट खराब पड़ा है। वहीं पेयजल टंकियों की सफाई नहीं होने से उसमे जीवांश आदि पड़े रहते है।
इसके अलावा महाविद्यालय में अध्ययनरत खिलाडिय़ों के खेल के लिए क्रिकेट किट व उपयुक्त खेल मैदान में व्यवस्था नहीं है। मैदान में जगह-जगह बबूल व गाजर घास उग गई, जिससे खिलाडिय़ों को खेलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं महाविद्यालय के उद्यान की घास व पौधे भी देखरेख के अभाव में खराब हो गए।
विद्यार्थियों ने बताया कि कई मर्तबा महाविद्यालय प्रशासन को इस बारें में शिकायत की गई, लेकिन आज तक शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया। इसके अलावा प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने महाविद्यालय के एक व्याख्याता पर छात्राओं से मोबाइल नम्बर मांगने का भी आरोप लगाया।
प्रदर्शन की सूचना पर हनुमाननगर पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन विद्यार्थी अपनी मांग पर अड़े रहे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस के हस्तक्षेप के बाद विद्यार्थी ताला खोलने के लिए राजी हुए, लेकिन उन्होंने समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की।
समस्याओं पर देते है ध्यान-
महाविद्यालय में दो आरओ प्लांट चल रहे है, इनमें महज एक में थोड़ी सी खराब है। विद्यार्थी ने ही टंकी में जाने वाली पाइप लाइन तोड़ी थी। वहीं 10 हजार रुपए से अधिक राशि के निर्माण कार्य के लिए टेण्डर प्रक्रिया की जाती है, लेकिन विद्यार्थी तत्काल काम करवाने की बात कहते है, जो अनुचित है। व्याख्याता की ओर से मोबाइल नम्बर मांगने की लिखित शिकायत मिली थी, लेकिन उक्त वजह शैक्षणिक थी।
बन्नालाल वर्मा, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय देवली।
Published on:
28 Nov 2019 09:52 am

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