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बनास नदी पर गहलोद पुल निर्माण की तकनीकी बोली खुली

बनास नदी पर गहलोद पुल निर्माण की तकनीकी बोली खुली  

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बनास नदी पर गहलोद पुल निर्माण की तकनीकी बोली खुली

बनास नदी पर गहलोद पुल निर्माण की तकनीकी बोली खुली

टोंक. बनास नदी के टोंक-गहलोद मार्र्ग पर 134.74 करोड़ की लागत से प्रस्तावित पुल निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया के बाद पांच जनवरी को टेक्निकल बीड खोली गई है। टेंडर प्रक्रिया में प्रदेश सहित अन्य राज्यों के 17 सवेंदकों ने भाग लिया है। टेक्निकल बीड का कार्य पूरा होने बाद इसकों मंजूर के लिए उच्च स्तर पर भेजा जाएगा।

इसके उपरान्त सम्बधित सवेंदक के नाम कार्यादेश जारी करने की कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की अभिशंषा पर सेन्ट्रल गर्वमेन्ट ने बनास नदी के टोंक-गहलोद मार्र्ग पर पुल निर्माण के लिए 134.74 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। सार्वजनिक निर्माण विभाग खण्ड टोंक के अधिशाषी अभियंता वीपी उपाध्याय ने बताया कि गहलोद मार्ग स्थित बनास नदी पर बनने वाले पुल के टेंडर खोलने की प्रक्रिया चल रही है।

पांच जनवरी को टेक्निकल बीड़ खोली गई है। जिसका गहन अध्यनन किया जाकर मंजूरी के लिए उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। पुल का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो इसके लिए उच्चाधिकारियों के मार्ग दर्शन में विभागीय स्तर पर हर सम्भव प्रयास किए जा रहे है।

2 किलोमीटर है कुल लम्बाई
उपाध्याय ने बताया कि टोंक के गहलोद मार्ग स्थित बनास नदी पर बनने वाले पुल की लम्बाई लगभग दो किलोमीटर की होगी। जिसमें अलग से एप्रोच रोड़ भी है। पुल में 49 पिल्लर बनाए जाएगें। पुल निर्माण के लिए वर्क आर्डर जारी होने के बाद से सम्बधित सवेंदक को 30 माह में कार्य पूरा करना होगा। उक्त वास्तविक कार्य पूर्ण होने के बाद 10 साल तक पुल का रख-रखाव व देखरेख निर्माण करने वाली कम्पनी को करना होगा।

इसलिए पड़ी आवश्यकता
टोंक गहलोद मार्ग स्थित बनास में बने तीन रपट बारिश के दौरान पानी में डूब जाते हैं। इससे आवागमन ठप हो जाता है। इस कारण टोंक से टोडारायसिंह, मालपुरा, डिग्गी, नानेर, झिराना, गहलोद, व पीपलू सहित अन्य गांवों व कस्बों के लोगों को वैकल्पिक मार्गों से लम्बा सफर तय करना पड़ता है।

ऐसे में लोगों को पत्थरों के बीच उबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरना पड़ता है। पुल के बनने से विभाग की ओर से प्रतिवर्ष की जाने वाली मरम्मत पर किए जाने वाले खर्च से भी राहत मिलेगी। साथ ही पुल के निर्माण होने से दर्जनों गांवों के लोगों की जिला मुख्यालय के लिए 30-35 किलोमीटर की दूरी कम होने से लोगों का समय व पैसा भी बचेगा।

2013 में भी बना था प्रस्ताव
सूत्रों की माने तो गहलोद मार्ग स्थित बनास नदी पर रपट निर्माण के लिए सितम्बर 2013 में ही सार्वजनिक निर्माण विभाग ने मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा था। इसे मंजूरी भी मिल गई, लेकिन वित्तीय स्वीकृति अटक गई। तब सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस पर पुल व सडक़ बनवाने के लिए 25 करोड़ का प्रस्ताव बनाया था। लेकिन जनप्रतिनिधियों व तत्कालीन सरकार के समय में इस पर ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में ये प्रस्ताव फाइलों से बाहर नहीं निकल पाया। हाल ही में राज्य सरकार की अभिशंषा पर केन्द्र से अब जाकर मंजूरी मिली है।