
टोंक. अफीम की तस्करी करने में लिप्त सात जनों को दस-दस साल की सजा सुनाई है।
टोंक. अफीम की तस्करी करने में लिप्त सात जनों को विशिष्ट न्यायालय (एनडीपीएस) के न्यायाधीश नरेन्द्रसिंह ढढ्ढा ने शुक्रवार को दस-दस साल की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी किया गया है। सभी अभियुक्त हरियाणा के छीपा बड़ौद के रहने वाले हैं।
अपर लोक अभियोजक दीपक गौतम ने बताया कि अभियुक्तों में भानूखेड़ी थाना छीपा बड़ौद हरियाणा निवासी खिलाराम पुत्र चरणदास, छीपा बड़ौद निवासी जगदीश पुत्र राधा किशन, कंवर पाल पुत्र गुलाब चंद, अशोक कुमार पुत्र मोहन कुशवाह, बबलू पुत्र देवी लाल, रोहित पुत्र दरिया मल तथा हरि सिंह पुत्र जमना लाल शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि 5 मार्च 2012 को प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी गश्त कर रहे थे। इस दौरान उन्हें मेहंदवास के समीप हाइवे पर बिना नम्बर की कार में कुछ लोग बैठे दिखाई दिए। पूछताछ के दौरान वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
जांच में कार में रखे अलग-अलग बैग में 35 किलो 235 ग्राम अफीम तथा 11 लाख 400 रुपए मिले। इस पर पुलिस ने खिला राम, जगदीश, कंवर पाल, अशोक कुमार, बबलू तथा रोहित को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच कर न्यायालय में चालान पेश किया। जहां अभियोजन पक्ष की ओर से 18 गवाह पेश किए गए। जबकि बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह पेश किए गए। न्यायाधीश ने उभयपक्षों की सुनवाई के बाद उन्हें एनडीपीएस मामले में दोषी माना।
Published on:
24 Jun 2017 07:37 am
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