
ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी कर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
निवाई . ऑनलाइन विज्ञापन के नाम पर क्लन्डेस्टाइन लाइव नेटवर्क की फर्जी कम्पनी बनाकर निवाई, जयपुर, बीकानेर, हिसार एवं नोएडा सहित देश के अनेक शहरों में ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी कर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
थाना प्रभारी रामजीलाल ने बताया कि सितंबर 2016 में नोएडा दिल्ली में क्लन्डेस्टाइन लाइव नेटवर्क नाम की फर्जी कंपनी बनाकर कंपनी के लोगों ने ऑनलाइन विज्ञापन पर क्लिक करने पर मोटी रकम कमाने का ग्राहकों को झांसा देकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे लाखों व करोड़ों रुपए कंपनी के खातों में जमा करवा लिए।
बाद में मार्च 2017 में कंपनी को बंद करके फरार गए। इस संबंध में पीडित ग्राहकों ने गुडगांव, जयपुर, बीकानेर एवं निवाई आदि स्थानों पर धोखाधड़ी के मामले दर्ज करवाए। जिस पर स्थानीय पुलिस ने देवेंद्र कुमार पुत्र राजकुमार राजपूत, महेशकांत माहेश्वरी पुत्र श्रीकांत माहेश्वरी निवासी दोनो निवासी सहारनपुर उत्तर प्रदेश, एवं अरविंद राय पुत्र खेतसिंह जाट निवासी चिड़ावा जिला झुंझुनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है।
जोधपुर, अजमेर में ठगी के बाद टोंक में पकड़ा
टोंक. नकली सोने को असली बताकर ठगी करने वाले एक आरोपी को शुक्रवार को कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक योगेश दाधीच ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी भाकरा तहसील जाजोटा हाल अजमेर निवासी श्यामलाल उर्फ रमेश पुत्र ऐमाराम बागरी है।
उसके पास से नकली सोने की माला भी बरामद कर ली है। उन्होंने बताया कि टोंक निवासी संदीपकुमार चावला ने मामला दर्ज कराया था। इसमें बताया कि करीब 8 महीने पहले अनाथालय के नाम पर एक जना रुपए मांगने आया।
आरोपी ने संदीप को किसी बहाने से सांझे में लिया और कहा कि उन्हें जयपुर स्थित शिलादेवी मंदिर की पहाड़ी में सोने की मालाएं मिली है। इन मालाओं को किसी को बता नहीं सकते। ऐसा करने पर सरकार पकड़ लेगी, लेकिन वे लोग मालाएं बेचना चाहते हैं।
इस पर संदीप झांसे में आ गया और मालाएं खरीदने को तैयार हो गया। कोतवाली थाना प्रभारी बी. एल. मीणा ने बताया कि आरोपी श्यामलाल ने संदीप को जयपुर के बगरू कस्बे में बुला लिया और माला का एक मोती जांचने के लिए संदीप को दिया।
संदीप की ओर से कराई गई जांच में मोती असली निकला। इस पर संदीप ने एक लाख रुपए में माला खरीदने का सौदा कर लिया और एडवांस 20 हजार रुपए दे दिए। बाकि रुपए बाद में देेन पूरी माला देने पर तय हुआ, लेकिन जब एडवांस राशि से ली गईमाला की टोंक में जांच कराई गई तो वह नकली निकली।
इसके बाद संदीप ने श्यामलाल को मालाएं लेकर पूरी राशि देने को कहकर बुलाया और पकड़ लिया। बाद में उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी ने जोधपुर, अजमेर समेत प्रदेश के कई शहरों में ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है।
Published on:
22 Jul 2018 08:24 am
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