टोंक. जिले में तम्बाकू निषेध दिवस सप्ताह के अंतर्गत तम्बाकू के सेवन के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है।जिसके तहत विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी साथ ही तम्बाकू मुक्त टोंक जिले के लिए आमजन को जागरूक किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ श्यामसुंदर अग्रवाल ने बताया कि टोंक जिले में पिछले दो सालों में तम्बाकू निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत 16 हजार 485 चालान बनाए गए जिनमें 49 हजार 225 रुपए की जुर्माना राशि वसूली की गई है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग टोंक की तरफ से राजकीय सआदत अस्पताल टोंक में तम्बाकू रोगियों के इलाज के लिए जिला तम्बाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श केंद्र संचालित किया गया है। जिसमे तम्बाकू रोगियों की स्पाईरोमीटर एवं कार्बन मोनोऑक्साइड मीटर के माध्यम से नि:शुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है। तम्बाकू रोगियों को नि:शुल्क एनआरटी थेरेपी दी जाती है।
सीएमएचओ डॉ अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2022-23 में अब तक कुल 2195 तम्बाकू रोगियों की काउंसिलिंग की गई जिसमें से 459 रोगियों को एनआरटी थेरेपी दी गई जिसमें से 111 लोगों ने तम्बाकू सेवन करना पूरी तरह से छोड़ दिया गया।
तम्बाकू निषेध दिवस सप्ताह के तहत मीडिया से बातचीत में डॉ श्याम सुंदर अग्रवाल में कहा कि तम्बाकू के सेवन का सबसे आसान तरीका धूम्रपान है। इसकी शुरुआत की प्रारंभिक अवस्था युवावस्था में विशेष रूप से इसकी लत देखी गई है। इसमे मौजूद निकोटीन नामक जहरीला पदार्थ नशा पैदा करता है।
इससे रक्त में कोलस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है साथ ही उच्च रक्तचाप की समस्या भी खड़ी हो जाती है। पेंरो की नसों में थक्केे की रुकावट आने का जोखिम अधिक होता है। सीएमएचओ कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तम्बाकू निषेध कार्यक्रम के प्रभारी रवि प्रकाश ने बताया कि इस अभियान में जिले के दो दर्जन से अधिक सरकारी विभागों को जोड़ा गया है। इन विभागों के सहयोग से जिले में तम्बाकू सेवन के खिलाफ जन जागरूकता पैदा किया जाना है।