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कब्रिस्तान की झाडिय़ों में छुपकर चलाई थी आतंकियों ने गोलियां, साथ आए साथी ने बताई पूरी कहानी…

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टोंक

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Dinesh Saini

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Updated: 17 Jul 2018, 1:22 PM IST

Tonk Martyr

टोंक। कश्मीर के अनन्तनाग में शुक्रवार सुबह अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए जा रही पेट्रोलिंग के दौरान आतंकियों के हमले में गोली लगने से शहीद हुए राजमहल के मिश्री लाल मीणा की पार्थिव देह लेकर राजमहल आए सीआरपीएफ के एएसआई चरत राम मीणा ने बताया कि शहीद मिश्री लाल मीणा सेक्सन कमांडर के तौर पर थे। उनका सेक्शन दो अलग-अलग गुटों में बटकर अनन्तनाग जिले के इच्छाबल चौराहे पर एग्रीकल्चर कार्यालय के सामने अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर था। जहां पास ही में कब्रिस्तान है। इनमें बड़ी-बड़ी झाडिय़ां थी। इनमें छिपकर आंतकियों ने घात लगाकर पूर्व तैयारी के साथ गोलियां चलाई है।


15 मिनट तक हुई फाइरिंग
इस दौरान सेना के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए क्रोस फाइरिंग की थी। सेना व आंतकियों में 15 मिनट तक फाइरिंग चली। इस दौरान आतंकी छुपे होने तथा उक्त क्षेत्र में बारिश का दौर चलने के कारण जवानों से किए फायर बैकार चले गए। इसमें राजमहल के सैनिक मिश्री लाल मीणा व अलवर के संदीप यादव शहीद हो गए। दो अन्य सैनिक व एक स्थानीय दुकानदार घायल हो गया।


बस्ती के लोगों की शह से बाइक पर हुए फरार
एएसआई चरत राम मीणा के अनुसार हमले के दौरान आंतकी गोलियों से बाल-बाल बचे। घटना के तुरंत बाद ही आस-पास के क्षेत्र में सैना की ओर से सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन पास ही बस्ती के लोगों की शह से आतंकी बाइक से फरार होने में कामयाब हो गए। एएसआई चरत राम ने बताया कि वहां की बस्तियों के लोग उनको शह देते हैं, जिसके कारण आतंकी बचकर निकलने में कामयाब हो जाते हैं। ऐसा पहले भी कई बार हुआ है। मोहल्ले के घरों व गलियों में सैना की ओर से कार्रवाई को अंजाम दिया जाता है तो वहां के लोग सैनिकों पर पथराव करते हैं।


दीपावली पर आने की थी तैयारी
शहीद की वीरांगना बच्ची देवी ने बताया कि दीपावली पर अपने घर आने के लिए पहले से ही उन्होने सैना में छुट्टी के लिए अर्जी लगा रखी थी। हमले के एक दिन पहले रात को शहीद ने अपने परिजनों से फोन पर वार्ता की थी। इसमें उन्होंने बताया कि वो दीपावली पर घर आकर देवउठनी ग्यारस पर पुत्र की शादी करेंगे। दीपावली से पहले ही वो देश के लिए शहीद हो गए।