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मानसून के लिए तैयार नहीं टोंक, ये नाले कैसे झेल पाएंगे बारिश का पानी

सफाई में लीपापोती बरते जाने से नाले में चार से पांच फीट तक कचरा अटा पड़ा है।  

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Drainage repair

टोंक. . मानसून आने में महज एक माह रहने के बावजूद शहर के नाले कचरे व गंदगी से अटे पड़े है।

टोंक. . मानसून आने में महज एक माह रहने के बावजूद शहर के नाले कचरे व गंदगी से अटे पड़े है। अर्से से सफाई नहीं होने से इनमें पानी रुका पड़ा है। हर बार बारिश में लोगों को नगर परिषद की बदइंतजामी को भुगतना पड़ता है। ऐसे में लोग यह सोचकर परेशान है कि नाले आगामी मानूसन को कैसे झेल पाएंगे।

अवरूद्ध पड़े नाले लोगों की पीड़ा बढ़ा रहे हैं। शिकायतों के बाद भी नगरपरिषद प्रशासन लोगों की समस्याओं का समुचित निराकरण नहीं कर पा रही। हालात ये है कि कई मोहल्लों में नाले लोगों को जख्म दे रहे हैं। लाडली बेगम मस्जिद के पास रहने वाले लोगों का कहना है कि सफाई में लीपापोती बरते जाने से नाले में चार से पांच फीट तक कचरा अटा पड़ा है।

हालत यह कि कई स्थान पर नाला अवरूद्ध पड़ा है। दुकानदारों ने बताया कि बारिश के भरे पानी में टूटा नाला दिखाई नहीं देता ओर वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि नगरपरिषद आयुक्त व प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद नाले की मरम्मत व सफाई नहीं कराई जा रही।

गड्ढा पहाडिय़ा, मछली मार्केट, कालीपलटन क्षेत्र के वाल्मीकी बस्ती से निकल रहा नाला भी कई स्थानों पर कचरे व गंदगी से अटा पड़ा है। सिविल लाइन क्षेत्र के रेडियावास तालाब क्षेत्र में नाले का आकार घटने से बारिश के दिनों में पानी घरों में भरने का अंदेशा है।

कंकाली माता मन्दिर से हाट बाजार की ओर जा रहे मार्ग में भी नाले में कचरा भरा होने से दुर्गन्ध के मारे लोग नाक पर रुमाल रखने पर मजबूर है। लोगों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से पानी सडक़ पर बहता है। नगर परिषद व जिला प्रशासन इस ओर ध्यान दे तो अधिकतर समस्याओं का निराकरण संभव है। चार वर्ष पूर्व शहर में अच्छी बारिश के चलते कई बस्तियों में पानी में पानी भर गया था। कई कच्चे मकान ढह गए थे।

नहीं हुई सफाई
उनियारा. नगरपालिका की ओर से नालों की सफाई शुरू नहीं करवाई गई है। कस्बे में ककोड़ गेट से बस स्टैण्ड,सवाईमाधोपुर रोड के सहारे खातोली गेट तक, रघुनाथ मंदिर से छतरियों का मोहल्ला, सवाईमाधोपुर रोड, वाल्मीक मोहल्ले से खटीको का मोहल्ला, बावड़ी का चौक से होता हुआ तीन बडे नाले व नालियां कचरे से अटे हैं।

अनदेखी कर रहा प्रशासन
मालपुरा. नगरपालिका की अनदेखी के कारण मानसून पूर्व नालों की सफाई नहीं करवाए जाने से इस बार बारिश आने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कस्बे के मुख्य बस स्टैण्ड, सिन्धी कॉलोनी, ट्रक स्टैण्ड, रैती मोहल्ला व नवीन मण्डी बाजार में उत्तम रसगुल्ला के पास स्थित नालों की लम्बे समय से सफाई नहीं होने से प्रतिदिन दुर्गंध का वातावरण बना रहता है।

इसी क्रम में बस स्टैण्ड, जनता कॉलोनी, महावीर मार्ग क्षेत्र के नालों की सफाई नहीं करवाए जाने से इन कॉलोनियों में हल्की बरसात से ही पानी जमा हो जाता है तथा बरसात का पानी दुकानों व मकानों में प्रवेश कर जाने से घरेलु सामान खराब हो जाता है।

एक दर्जन मुख्य नाले अटे पड़े
देवली. मौसम विभाग के अनुसार आगामी जून माह से मानसून सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन नगर पालिका को अभी तक भी नालों की सफाई कराने की सुध नहीं है। हालांकि नाले सफाई का कार्य फिलहाल चल रहा है, लेकिन कार्य की गति इतनी धीमी है कि मौजूदा समय में भी एक दर्जन से अधिक मुख्य नाले गंदगी से अटे पड़े हैं।

कृषि उपज मण्डी के बाहर बड़ा नाला पॉलीथिन, कचरा व डिस्पोजल से अटा है। जगदीश धाम से नेकचाल रोड, रामद्वारा के बाहर, जगदीश धाम रोड, ऊंचा रोड के दोनों नाले, गौरव पथ मार्ग, पुलिस थाने के समीप गुरुद्वारा रोड, तहसील के बाहर व एजेंसी क्षेत्र के नाले गंदगी व कचरे से चौक है। बारिश में इन नालों में पानी का निकास नहीं होगा।