
जुनून: ट्रक चालक की महक रही जिन्दगी, रास आई फलों की खेती
लहरों से डर कर नौका कभी पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। यह बात पचेवर पंचायत के महादेवपुरा गांव के निवासी ट्रक चालक भंवर लाल नुवाद ने साबित कर दिखाई है। किसान ने बताया कि 15 वर्ष पहले ट्रक चालक की प्राइवेट नौकरी करता था। ट्रक चालक की नौकरी करते समय एक बगीचे को देख मन में बागवानी खेती करने का सपना देख लिया।
चालक ने ठान लिया कि अब वह कभी परदेश नहीं जाएगा। बागवानी खेती करने के लिए अपने घर लौट गया। गांव में आकार अपनी एक हेक्टेयर भूमि पर कड़ी मेहनत के साथ बागवानी खेती शुरू कर दी। कुएं के पानी से फलों के पौधों में सिंचाई की गई।
बागवानी खेती कर सालाना तीन लाख रुपए की आमदनी ले रहे है। इससे किसान अपने परिवार का भरण-पोषण कर कर रहा है। फलों की खेती में किसान की इस मेहनत और जुनून को देखकर आस-पास के किसान अब बागवानी खेती करने का मन बना रहे है।
विभिन्न प्रकार के लगाए पौधे
जोधपुर (काजरी) से विभिन्न किस्म के पौधे लाकर बगीचे में लगाए है। इस बगीचे में थाई एप्पल बेर, गोला अमरूद, अनार, जामुन, चीकू सहित नींबू के मिलाकर करीब 400 पौधे लगे हुए है। किसान ने बताया कि एक बार पौधा लगाने के बाद तीन साल मेहनत करने होती है। पौधे को बूंद-बूंद सिंचाई से जोडकऱ उसकी देखभाल करनी पड़ती है। तीन साल के बाद पौधे फल देना शुरू कर देते है। सीजन के दौरान फलों के अच्छे दाम मिल जाते है। जिससे किसान को अच्छी आमदनी हो जाती है।
कृषि अनुदान और बीमा मिले तो बढ़े रुझान
सरकार द्वारा बागवानी खेती पर अनुदान मिलने पर किसानों को ज्यादा रुझान बढ़ सकता है।किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण व अनुदान मिले तो बागवानी खेती करनी की होड़ लग सकती है। कई बार किसान पैसे की कमी के कारण बागवानी खेती नहीं कर पाते है। कृषि विभाग की ओर से हर साल किसानों को फलों के पौधे नि: शुल्क वितरण किए जाए।
बागवानी की सीखा रहे बारीकियां
किसान भंवर लाल ने बताया कि क्षेत्र के दूर-दूर से किसान फलों की खेती की बारीकियां सीखने आते है। दरअसल मेरा मकसद किसानों की मदद करना है।थोड़ा सा बदलाव कर किसान अपनी खेती को बेहतर कर सकता है। कई किसान मेरे से फोन पर भी फलों की खेती करने की विधि की जानकारी लेते है। किसान को परम्परागत खेती के साथ अन्य खेती करना चाहिए। इसके लिए किसानों को प्रेरित भी किया जा रहा है। जिससे किसान खेती में अच्छी आय प्राप्त कर सके।
Published on:
30 Nov 2023 04:12 pm
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