
काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन, पशु चिकित्सक जाएंगे हड़ताल पर
टोंक. नॉन प्रैक्टिस एलाउंस की मांग को लेकर सोमवार से राज्य के पशु चिकित्सक व वेटरनरी डॉक्टर्स की तरफ से अनिश्चितकालीन अवकाश लिए जाने से जिले में पशु चारा, पशुओं के बीमा तथा राज्य सरकार की पशुधन सम्बंन्धी योजनाएं ठप्प हो जाएगी। अपनी अनिश्चितकालीन अवकाश लिए जाने के आंदोलन से पूर्व शनिवार को पशु चिकित्सक संघ राजस्थान व वेटरनरी डॉक्टर्स एसोसिएशन ने टोंक में संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग कार्यालय में हाथों पर काली पट्टी बांध करके प्रदर्शन किया।
साथ ही धरना दिया जिसमें वक्ताओं ने कहा कि पिछले बीस सालों से बिना किसी भत्ते के गौपालन विभाग का कार्य किया जाने के बावजूद अभी तक नॉन प्रैक्टिस अलाउंस नही दिया गया। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि यदि एनपीएस की मांग को पूरा नही किया गया तो 18 सितंबर से राज्य व्यापी आंदोलन शुरू होगा।
जिले में पशु चिकित्सकों व वेटेरिनरी डॉक्टर्स के अनिश्चितकालीन अवकाश लिए जाने से टोंक जिले में पशुपालन विभाग के कई कार्य साथ ही पशुपालन विभाग की योजनाएं बाधित होगी। टोंक जिले की 21 अनुदानित गौ शालाओं के 6 हजार गौवंश की अनुदान की कार्यवाही नही होने से पशुओं के समक्ष चारा व पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।
इतना ही नही पॉलिक्लिनिक सर्जरी व मृत पशुओं के पोस्टमार्टम नही हो पाएंगे। वहीं कामधेनु बीमा योजना सहित अन्य योजनाओं के कार्य भी नही हो पाएंगे। जिले के गौ शालाओं के संचालक व पशु पालकों ने भी धरना स्थल पर पहुंच कर अपना समर्थन देकर मांगों को जायज बताया।
संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग टोंक कार्यालय में आयोजित धरना व प्रदर्शन में राजस्थान पशु चिकित्सक संघ टोंक के अध्यक्ष डॉ विजय अग्रवाल, महासचिव डॉर रामप्रसाद मीणा, संयुक्त सचिव डॉ ज्योति, कोषाध्यक्ष डॉ, सोभाग सिंह, डॉ शमशाद अली, डॉ अनिल, डॉ दिलीप, चंद्रशेखर अरोड़ा, फहीम सहित जिले के सभी पशु चिकित्सक व वेटरनरी डॉक्टर्स शामिल हुए।
Published on:
16 Sept 2023 08:26 pm
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