
धरने पर बैठे ग्रामीण (फोटो-पत्रिका)
टोंक। राजमहल इलाके में अवैध रूप से बजरी भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से युवक को कुचलने के बाद शव के साथ धरने पर बैठे परिजनों व ग्रामीणों का शुक्रवार रात 8 बजे समझौता हो गया। यह धरना करीब 44 घंटे तक चला। प्रशासन ने ग्रामीणों की उचित मांगों को पूरा करने का भरोसा दिलाया है। भाजपा विधायक राजेन्द्र गुर्जर ने समझौता कराने में भूमिका निभाई। इसके बाद लोग धरना स्थल से हट गए।
इससे पहले घटना के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने गांव के बाजार बंद रखे। वहीं सभी सरकारी व निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों की छुट्टी करवा दी। गांव के सभी मार्गों से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। घटना के इतने समय के बाद भी न तो कलक्टर कल्पना अग्रवाल मौके पर पहुंची और न ही एसपी विकास सांगवान आए। शुक्रवार को मौके पर देवली, दूनी के साथ ही पुलिस लाइन टोंक से भारी पुलिस जाप्ता मौजूद रहा।
शुक्रवार को ग्रामीणों के 10 सदस्यीय दल व उपखंड स्तरीय प्रशासन के बीच दिन में करीब एक घंटे तक चली वार्ता भी विफल रही थी और मांगों को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। वार्ता में कस्बे से बजरी के अवैध खनन व परिवहन पर पूर्णतया रोक, मृतक के परिजनों को 50 लाख की आर्थिक सहायता, एक परिजन को नौकरी व हत्या का मामला दर्ज करने सहित करीब आधा दर्जन से अधिक मांगे प्रशासन से की गई थी।
बुधवार रात कस्बे के देवली सड़क मार्ग पर बनास से अवैध रूप से बजरी भरकर गुजर रहे एक ट्रैक्टर ट्रॉली चालक ने युवक को कुचल दिया था जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने घटनास्थल पर शव रखकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
Published on:
04 Jul 2025 09:39 pm

बड़ी खबरें
View Allटोंक
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
