गुड़ा गांव निवासी दलपत सिंह व मीनू कंवर के पुत्र होने पर उनके ससुराल पक्ष के लोग जयपुर के सांगानेर से मनसा माता मंदिर आए थे। ससुर गोपाल सिंह चौहान, सास मोना कंवर समेत करीब 40 लोग बस से आए और मंदिर में पूजा अर्चना व छूछक रस्म कर जयपुर लौट रहे थे। रवाना होते समय ही चालक को बस के ब्रेक फेल होने का अंदेशा हुआ। वह बस को नियंत्रित करने की कोशिश करता रहा, लेकिन सड़क के एक तरफ खाई और दूसरी ओर चट्टान होने से बस अनियंत्रित होकर बिजली के पोल से जा टकराई और देखते ही देखते उसमें आग लग गई।