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पेयजल के लिए हांपते ग्रामीण, पंचायत प्रशासन की निंदा कर ग्रामीणों ने वार्ड पंचों को सुनाई खरी खोटी

बीसलपुर पेयजल परियोजना के तहत मिलने वाला पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने से गुस्साए वार्ड 18 व 19 की महिलाएं व पुरुषों ने वार्ड पंचों को जमकर खरी खोटी सुनाई।

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पेयजल के लिए हांपते ग्रामीण, पंचायत प्रशासन की निंदा कर ग्रामीणों ने वार्ड पंचों को सुनाई खरी खोटी

पेयजल के लिए हांपते ग्रामीण, पंचायत प्रशासन की निंदा कर ग्रामीणों ने वार्ड पंचों को सुनाई खरी खोटी

पचेवर. बीसलपुर पेयजल परियोजना के तहत मिलने वाला पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने से गुस्साए वार्ड 18 व 19 की महिलाएं व पुरुषों ने वार्ड पंचों को जमकर खरी खोटी सुनाई। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत प्रशासन को पांच वर्ष से लगातार पानी की गुहार लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

इससे ग्रामीणों को प्लास्टिक पम्पों से पानी खींचने से हांपते नजर आते हैं। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि आठ बजे तक भी पानी नहीं आने के कारण परेशानी झेलनी पड़ती हैं। वार्ड नम्बर 18 ,19 में आए वार्ड पंच कैलाश दरोगा व हनुमान बोहरा को ग्रामीणों व महिलाओं ने जमकर खरी-खोटी सुनाई।

पचेवर कस्बे में लाखों रुपए की लागत से बना बीसलपुर प्लांट व कस्बे में बिछाई गई पानी की लाइने भी नाकाम साबित हो रही हैं। इससे ग्रामीणों के सामने पानी की समस्या जस की तस बनी हुई हैं। सरपंच को भी समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। वार्ड पंचों ने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो पुरानी पंचायत बस स्टैण्ड पर धरने पर बैठेंगे।


क्षतिग्रस्त हो रहे पाइप, खराब हो रहे वॉल्व
लाखों लीटर पानी बह रहा व्यर्थ, परियोजना पर कार्य कर रही कम्पनी के इंजिनियर व कार्मिक बेबस
राजमहल. बीसलपुर बांध के पूर्ण जलभराव होने के बाद भी प्रशासन की अनदेखी के कारण कई जगहों पर लोग पेयजल के लिए भटक रहे है, वहीं कई जगहों पर लोग फ्लोराइडयुक्त पानी पीने को मजबूर है।

इसी के साथ लापरवाह प्रशासन के कारण कई जगहों पर रोजाना लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है, जिसे रोकने के लिए प्रशासन का कोई नुमाइंदा सजग नजर नहीं आ रहा है। ऐसा ही नजारा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व जलदाय के अधिन जयपुर व अजमेर पाइप लाइनों के साथ ही बीसलपुर टोंक-उनियारा पेयजल परियोजना की पाइप लाइनों पर नजर आ रहा है, लेकिन बीसलपुर टोंक उनियारा पेयजल परियोजना का प्रथम व द्वितीय चरण पर रख रखाव का कार्य देख रही कम्पनियों व ठेकेदारों के कार्मिकों के साथ ही इंजीनियर भी बेबस नजर आ रहे है।

उल्लेखनीय है कि बीसलपुर टोंक-उनियारा पेयजल परियोजना के तहत राजमहल फिल्टर प्लांट से देवली जा रही पाइप लाइन पर लगे वॉल्व आए दिन खराब हो जाते है, जहां रोजाना लाखों लीटर पानी सडक़ों पर बहता रहता है। इसी प्रकार गांवड़ी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास बीसलपुर सडक़ मार्ग, दौलता मोड़ आदि जगहों पर कई जगह वाल्वों से व्यर्थ पानी बह रहा है तो कई जगहों पर बजरी से भरे ओवरलोड ट्रक गुजरने से आए दिन पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हो रखी जहां रोजाना लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम महज खानापूर्ति की जा रही है। यहीं नजरा आए दिन बीसलपुर वन क्षेत्र से गुजरती पाइन लाइनों व वाल्व पर दिखाई देता है।


इनका कहना है-
पानी भरने के लिए ग्रामीण वाल्व को खराब करते है, जिन्हे ठीक करने जाते है तो लोग काफी संख्या में एकत्र होकर विरोध करते है। कई बार पुलिस का सहयोग भी लिया गया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण वापस लौटना पड़ा। साथ ही क्षतिग्रस्त पाइन लाइनों को जल्द ठीक करवाएंगे।
शादाब खान प्रोजेक्ट मैनेजर एलण्डटी कम्पनी राजमहल फिल्टर प्लांट।