
आवां सुदर्शनोदय तीर्थ में शान्ति धारा करते श्रद्धालु।
आवां. इस दौरान इनके साथ मुनि महासागर, मुनि निष्कंप सागर, क्षुल्लक धैर्य सागर व क्षुल्लक गम्भीर सागर के सान्निध्य में हो रहे भगवान के नित्य अभिषेक, शान्तिधारा, मंगल प्रवचन व जिज्ञासा समाधान में देशभर से श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।
मुनि की अमृतवाणी में भगवान की शान्तिधारा का आयोजन शास्त्रीय विधान व रीति-नीति से सम्पन्न हो रहा है। नेमीचन्द जैन, पवन धानोत्या, ओमप्रकाश जैन, पदम गोयल, जम्बू हरसोरा, अशोक धानोत्या, कमलेश जैन, नोरत कुमार आदि समिति पदाधिकारियों ने बताया कि महाआरती, पाद-प्रक्षालन के साथ मुनि के पवित्र हाथों से गंधोधक लेने के लिए हुजूम उमड़ रहा है।हजारों श्रद्धालुओं के नित्य आवागमन से यहां लगी दुकानो और अन्य कार्यो मे रोजगार के नवीन अवसर भी मिल रहे हैं।
जैन मुनि त्याग-तपस्या के परिचायक
टोडारायसिंह. श्रीशांतिनाथ जिनालय में सोमवार को आचार्य जैनमुनि इन्द्रनंदी का केशलोंच कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण से की गई। आचार्य संघ ने केशलोंच का महत्व बताते हुए कहा कि केशलोंचन जैन मुनियों की त्याग व तपस्या का परिचायक है। उन्होंने कहा केशलोंचन प्रक्रिया जैन साधुओं की आवश्यक क्रिया है।इस क्रिया में स्वयं सिर के बालों को हाथों से अलग करते हंै। इस दिन वे अन्न व जल ग्रहण नहीं कर उपवास ही रखते हंै।
कार्यक्रम के तहत आचार्य इन्द्रनंदी ने केशलोंच किया। इस दौरान केशक्षेपण को प्राप्त करने का सोभाग्य लाम्बाकला निवासी श्रीनारायण, राधेश्याम ने किया। कार्यक्रम में सावर, केकड़ी, मालपुरा, निवाईं, टोंक क्षेत्र से आए समाज के लोगों का सम्मान किया गया।
पंवालिया पहुंची कावड़ यात्रा
टोडारायसिंह. सावण मास में धार्मिक कार्यक्रमों की धूम है। पदयात्राओं के साथ कावडय़ात्राओं का दौर जारी है। सोमवार को बीसलपुर बांध से रवाना हुई कावड़ यात्रा देर शाम पंवालिया पहुंची। ग्रामीण सुनील सैन ने बताया कि सोमवार सुबह दो दर्जन से अधिक कावडिय़े बीसलपुर स्थित गोकर्णेश्वर महादेव के दर्शन कर त्रिवेणी से जल लेकर रवाना हुए। टोडारायसिंह, मोर होते हुए पंवालिया पहुंचे। जहां सार्वजनिक तालाब स्थित शिव मंदिर का जलाभिषेक किया।
Published on:
07 Aug 2018 04:56 pm
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