
अधूरे निर्माण से खेतों में भरा पानी
पीपलू. सोहेला क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद पुरानी रपट पर आए अवरोधक तथा पानी का सही से निकास नहीं होने से खेतों में बरसात का पानी जमा हो गया जिससे किसानों को नुकसान हुआ है।
किसान कैलाश गोरा ने बताया की हाइवे पुलिया निर्माण के दौरान नई पुलिया निर्माण करके उस पर कंक्रीट डाकर छोड़ दिया। साथ ही पुराना रपट नहीं हटाने से पानी निकासी में आए रुकावटों से खेत पानी से लबालब हो गए।
सोहेला-डिग्गी स्टेट हाइवे 117 पर सोहेला से नाथड़ी के बीच तीन पुलियाओं का निर्माण समयावधि निकल जाने के बावजूद भी अधूरा होने से किसानों, वाहन चालकों के लिए यह आफत बनता जा रहा है।
जबकि करीब एक साल से इस मार्ग पर वाहनों से टोल वसूली की जा रही है। सोहेला व हाडीकलां में तो नवीन पुलिया का निर्माण तो पूरा हो चुका लेकिन पुलिया पर डामरीकरण नहीं की गई।
स्टेट हाइवे 117 पर 32 किलोमीटर तक का रोड बनाया गया था। जिसमे 3 पुलियाओं का निर्माण सोहेला, हाडीकला, नाथडी माशी नदी पर होना था। जिन का निर्माण कछुआ चाल से किया जा रहा है।
हाड़ीकलां गांव के हाइवे सडक़ नाला पर बिना दिशा लगाए निर्माण के लिए गिट्टी के ढेर लगा दिए गए। जिसके चलते अब तक दर्जनों वाहन चालक चोटिल हुए हैं तथा वाहन क्षतिग्रस्त हुए है। हालांकि बाद में इसकी सूचना के बाद रात को ही जेसीबी से सडक़ पर गिट्टी फैलाते हुए इतिश्री कर दी।
आवां. सीतापुरा ग्राम पंचायत के वाशिंदे इन दिनों कीचड़ की समस्या से त्रस्त है। पानी रास्ते में एकत्र होकर कीचड़ का रूप ले लेता है, जिससे होकर गुजरने में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कस्बे निवासी किशन मीणा ने बताया कि गलियों में कीचड़ पसरा होने से ना केवल राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती है बल्कि इससे अनेक प्रकार की बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना रहता है।
Published on:
06 Aug 2021 06:13 pm
