
बीसलपुर बांध के बढ़ते गेज के साथ सिंचाई की जगी आस
राजमहल. बीसलपुर बांध के केचमेंट एरिया मेें पडऩे वाले भीलवाड़ा व चित्तोडगढ़़ जिलों में बांध बनने के बाद पहली बार सितम्बर माह में मेहरबान हुए मेघों के चलते हो रही बारिश को लेकर बांध में पानी की आवक लगातार जारी है। बांध का गेज ज्योंं ज्यों आगे बढ़ता जा रहा है त्यों त्यों सिंचाई को लेकर किसानों की उम्मीद भी जगने लगी है।
बांध से बायीं व दायीं मुख्य नहरों से होनी वाली सिंचाई के लिए एक से दो बार पानी मिलने की किसानों की आस भी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। किसानों की नजर पेयजल के बाद बचने वाले पानी को लेकर सिंचाई की उम्मीद पर टिकी हुई है। हालांकि पिछले तीन दिन से केचमेंट एरिया में बारिश नहीं होने के साथ ही त्रिवेणी का गेज लगातार घटने से बांध में पानी की आवक भी दिनोंदिन धीमी पडऩे लगी है।
बीसलपुर बांध के गेज में गुरुवार शाम 4 बजे से लेकर शुक्रवार शाम 4 बजे तक कुल 4 सेमी पानी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। बांध के कन्ट्रोल रूम के अनुसार बांध से जयपुर, अजमेर व टोंक शहरों के साथ ही इनसे जुड़े सैकड़ों गांव व कस्बों में की जा रही जलापूर्ति के लिए हो रही पानी की निकासी के बाद बांध का गेज गुरुवार सुबह 8 बजे बांध का गेज 312.02 आरएल मीटर दर्ज किया गया था,जिसमें 17.756 टीएमसी का जलभराव हो गया था।
इसी प्रकार दोपहर तीन बजे तक फिर से एक सेमी की बढ़ोत्तरी के साथ गेज 312.03 आर एल मीटर हो गया । जिसमें 17.804 टीएमसी पानी बांध में भर चुका था। रात 8 बजे तक गेज 312.04 आर एल मीटर दर्ज किया जिसमें 17.852 टीएमसी पानी का भराव था।
शुक्रवार सुबह 8 बजे तक 312.06 आर एल मीटर दर्ज किया, जिसमें 17.948 टीएमसी का जलभराव हो गया है, वहीं शाम 4 बजे तक एक सेमी की बढ़ोत्तरी के साथ गेज 312.07 आर एल मीटर दर्ज किया है, जिसमें 17.995 टीएमसी पानी का भराव है। इसी प्रकार बांध के जलभराव में सहायक त्रिवेणी का गेज 3.60 मीटर रह गया है।
कुल क्षमता 38.70 टीएमसी
बीसलपुर बांध की कुल जलभराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है। जिसमें 38.70 टीएमसी कुल जलभराव होता ह, जिसमें कुल 16 टीएमसी पानी पेयजल के लिए आरक्षित रखा गया है, वहीं 8 टीएमसी पानी सिंचाई के लिए आरक्षित है। वहीं शेष पानी वाष्पीकरण व अन्य खर्च में माना जाता है। बांध में भरा पानी पेयजल के लिए आरक्षित पानी का पार कर आगे बढ़ चुका है। वही बांध में पानी की आवक अभी बरकरार है। वहीं किसान बांध के बढ़ते गेज को लेकर सिंचाई का आस लगाने लगे है।
Published on:
02 Oct 2021 08:35 am
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