
सिंचाई के लिए किरावल सागर बांध से नहरों में पानी छोड़ा
किरावल सागर बांध की दो नहरों में आई दरारों की जल संसाधन विभाग ने सुध ली है। मिडेल व साऊथ केनाल की नहरों की मरम्मत होने से किसानों को राहत मिली है। तीनों नहरों में विधिवत पूजा-अर्चना कर मोरी के वॉल्व खोलकर पानी छोड़ा गया है। नहरों में जलधारा बहने से किसानों के चेहरे खिल उठे।
सिंचाई करने में जुटे किसान
किसान रबी की फसल की सिंचाई करने में जुट गए है। गौरतलब है कि दो नहरों के पक्कीकरण में दरारें आने से किसान चिंता में डूबे हुए थे। किसानों की समस्या को देखते हुए पत्रिका ने नहरों में आई दरारों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद जल संसाधन विभाग ने ठेकेदार को तत्काल नहरों की मरम्मत करने के निर्देश दिए। इस बांध पर विकास कार्यों पर 6 करोड़ रुपए का बजट खर्च होगा।नहरों में पानी छोडऩे के दौरान कनिष्ठ अभियंता जयदेव सोलंकी,अध्यक्ष जगदीश गुंजल, विष्णु शर्मा मौजूद रहे।
किसानों ने पत्रिका का जताया आभार
बांध की नहरों में आई दरारों की मरम्मत होने पर किसानों ने राजस्थान पत्रिका का आभार जताया है।उल्लेखनीय है कि पत्रिका ने गत 6 नवम्बर के अंक में गुणवत्ता की खुली पोल,किरावल सागर बांध की दो नहरों में आई दरारें,किसानों ने उठाई जांच की मांग शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसके बाद ठेकेदार ने क्षतिग्रस्त हुई नहरों की मरम्मत कर किसानों को राहत पहुंचाई।अब बांध का पानी नहरों के माध्यम से अंतिम छोर तक पहुँच पाएगा।बांध के पानी से रबी की फसल सरसों,चना,जौ व गेंहू की सिंचाई होगी।
रामसागर की नहरों में छोड़ा पानी
मालपुरा. उपखंड के लाम्बाहरीसिंह लघु सिंचाई परियोजना के तहत रामसागर बांध की गुरुवार को पूजा अर्चना के बाद रबि की फसल के लिए सिंचाई के लिए नहरों में पानी खोला गया। पंडित रामअवतार पाराशर ने पूजा अर्चना के बाद जल वितरण समिति अध्यक्ष सरवन लाल माली ने मोरी पर चाबी लगाकर नहरों में पानी छोड़ा।
जहां किसानों ने अपने-अपने खेतों में पिलाई शुरू कर दी है। जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता जयदेव सोलंकी ने बताया कि रामसागर बांध में 11 फीट पानी है, जिससें 1500 बीघा ङ्क्षसचित भूमि में सिचाई होगी। इस अवसर पर जल वितरण समिति अध्यक्ष सरवन लाल माली, सीआर रूपचंद आकोदिया, रमेश चंद्र वैष्णव, घीसालाल उपस्थित थे।
Published on:
17 Nov 2023 10:33 am
