
सर्वधर्म विवाह सम्मेलन में एक छत के नीचे होंगे निकाह व फेरे
टोंक. कौमी सद्भाव (कमेटी) संस्था राजस्थान की ओर से सर्वधर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए इन दिनों पंजीयन किए जा रहे हैं। ये पंजीयन 3 जून तक संस्था के कार्यलय में होंगे। संस्था अध्यक्ष हाजी सुभान उस्मानी ने बताया कि विवाह सम्मेलन सैयद फारुक अली एकेडमी के समीप मुस्लिम तेली छात्रावास में 12 जून को होगा।
इसमें प्रदेशभर से सभी धर्मों के जोड़े शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि धर्म के मुताबिक जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। हिन्दू जोड़ों के फेरे पंडित पवन सागर तथा मुस्लिम जोड़ों के निकाह काजी ताहिर उल इस्लाम कराएंगे।
उन्होंने बताया कि टोंक जिले के अलावा अन्य जिलों से भी जोड़े सम्मेलन के लिए पंजीयन करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन का मकसद कुरीतियों को दूर फिजूलखर्ची पर रोक लगाना है।
संस्था की ओर से वर-वधु को प्लॉट समेत घर-गृहस्थी के सामान उपहार स्वरूप दिए जाएंगे। ताकि वे घर-गृहस्थी चला सके। इसकी तैयारियों को लेकर संस्था कार्यालय में मंगलवार को बैठक हुई। इसमें सम्मेलन के पंजीयन समेत अन्य तैयारियों पर चर्चा की गई।
सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर
आवां. फूल माली सैनी समाज आवां की ओ से पीपल पूर्णिमा पर 18 मई को अखनेश्वर परिसर में होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर तैयारियां की जा रही है।
बुधवार को पूर्व कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी के आतिथ्य में अखनेश्वर परिसर में बैठक कर बाल विवाह पर लगाम, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक, पर्यावरण संरक्षण की जवाबदहिता और सामाजिक समरसता लाने के लिए कार्यशाला आयोजित कर जन चेतना लाने पर कार्य हुआ।
विनायक स्थापना में सैलाब उमड़ा। अखनेश्वर परिसर में गणपति को स्थापित किया गया। इससे पूर्व बैठक में जिम्मेदारियां सौंप कर इसे आदर्शरूप देने पर कार्ययोजना बनाई गई।
पूर्व मंत्री ने इस आयोजन मे सभी समाजों का साथ लेकर सम्मेलन के माध्यम से मितव्यता और सामाजिक जागृति का पाठ पढ़ाया। टोंक के पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश सैनी, राजस्थान प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला संरक्षक अशोक चौपड़ा, सृजन संस्थान के रामलाल गुर्जर, अखनेश्वर समिति के सुरेन्द्र सिंह नरूका, आर्ट ऑफ लिविंग के जिला संयोजक नवल किशोर पारीक ने सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के उपाय सुझाए।
सरपंच राधेश्याम चन्देल ने बताया कि सम्मेलन में मिलने वाली कई सहायता प्राप्त करने प्रक्रिया पर चर्चा की गई। इस दौरान सीताराम अजमेरा, रामवतार अजमेरा, ग्यारसी लाल, समिति उपाध्यक्ष प्रकाश सैनी लालाराम, रमेश और मुकेश सैनी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि 17 मई को कलश, चाक-भात और 18 मई को निकासी एवं पाणिग्रहण संस्कार होगा।
Published on:
16 May 2019 04:26 pm
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