उम्मीदों को पंख: मेडिकल कॉलेज का निर्माण हुआ शुरू
पांचवीं बार हो चुका था टेंडर निरस्त
बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी
टोंक. जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज का ख्वाब जल्द ही पूरा होगा। मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हो गया है। जबकि इससे पहले पांच बार निर्माण के टेंडर निरस्त हो चुके हैं। इससे लोगों में निराशा थी। लेकिन गत दिसम्बर के बाद निकाली गई निविदा के तहत 97 करोड़ रुपए से निर्माण कार्य शुरू हुआ है।
उम्मीद है कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण होने के बाद टोंक जिले के लोगों को जयपुर के एसएमएस अस्पताल जैसी बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी। गौरतलब है कि यूसुफपुरा चराई में 325 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 60 प्रतिशत केन्द्र सरकार व 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी।
पहला टेंडर मई 2021, दूसरा अक्टूबर 2021, तीसरा अप्रेल 2022 व चौथा अगस्त 2022 में किया गया था। वहीं अगस्त 2022 में पांचवां टेंडर खुला था। चिकित्सा प्रशासन के मुताबिक एक फर्म को 97 करोड़ 30 लाख रुपए का टेंडर जारी किया। लेकिन तकनीकी कारणों के चलते उसे भी निरस्त हो गया था।
49 बीघा जमीन की थी आवंटित
शहर के समीप युसुफपुरा चराई में मेडिकल कॉलेज के लिए 49 बीघा जमीन आवंटित की जा चुकी है। राजस्थान में 31 जिलों में केंद्र पोषित योजना के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति दी गई थी। राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में राज्य के पांच जिलों टोंक सहित हनुमानगढ़, दौसा, सवाईमाधोपुर तथा झुनझुनूं में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति दी थी।
टोंक में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद सआदत अस्पताल व उसकी यूनिट मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र से इलाज के लिए जयपुर होने वाले रेफर केस की संख्या में कमी आएगी। साथ ही टोंक में ही जयपुर की तरह बेहतर इलाज हो सकेगा।
प्रथम बैच में 100 छात्रों का प्रवेश
टोंक में मेडिकल कॉलेज शुरू होने पर सआदत अस्पताल में 450 बेड हो जाएंगे। बड़े शहरों की तरह सुपर स्पेशलिस्ट की सुविधा मरीजों को मिल सकेगी। कॉलेज शुरू होने पर पहले साल के प्रथम बेच में 100 स्टूडेन्ट का प्रवेश होगा। मेडिकल कॉलेज के लिए टेंडर जारी हुआ है। जल्द ही कॉलेज का निर्माण शुरू हो जाएगा।
पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया है मुद्दा
पिछले साढ़े चार साल से टोंक में मेडिकल कॉलेज का मामला अटका हुआ है। मेडिकल कॉलेज के निर्माण में लगातार हो रही देरी को लेकर राजस्थान पत्रिका ने मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। अब निर्माण शुरू होने से उम्मीद जगी है कि जल्द ही चिकित्सा सुविधा भी मिलने लगेगी।
इनका कहना है
तकनीकी कारणों के चलते पहले टेंडर निरस्त हो गया थे। अब 97 करोड़ की लागत से निर्माण शुरू हो गया है।
– बी. एल. मीणा, पीएमओ सआदत अस्पताल टोंक