
ड्यूटी के साथ सुरेखा ने खेलों में बढ़ाया टोंक पुलिस का मान
टोंक. नौकरी तो सभी करते है लेकिन कुछ ऐसे भी होते है जो जोखिम की नौकरी करते हुए भी कुछ अलग से हटकर करने में विश्वास रखते है। ऐसा ही एक उदाहरण है टोंक यातायात पुलिस में तैनात कांस्टेबल सुरेखा चौधरी है। सुरेखा प्रतिदिन सर्दी गर्मी के मौसम में 8 से 12 घंटे अपनी ड्यूटी के साथ समय-समय पर होने वाली विभागीय खेलकूद प्रतियोंगिता में अपना लोहा मनवा रही है, चाहे वो दौड़, कुश्ती गोला फेंक हो या वैटफ्लिफ्टििंग।
इतना ही नही प्रदेश में जब भी कही पर वीवीआईपी विजिट होती है सुरेखा को वहां स्पेशल रूप से लगाया जाता हे। सुरेखा ने पीएम से लेकर सीएम तक की विजिट के दौरान 16 से 20 घंटे तक अपनी ड्युटी दी है। सुरेखा 2016 से अब तक अपनी ड्यूटी बखूबी से निभा रही है। सुरेखा अगस्त 21 से यातायात पुलिस में अपनी सेवाण्ं दे रही है। इससे पहले वो तीन साल पुलिस लाईन में अपनी तैनात थी।
सुरेखा ने तीन वर्ष तक महिला शक्ति में भी काम किया है। सुरेखा ने बताया कि वो जब परिवार के साथ कही जाते थे वहां पर सुरक्षा के लिए तैनात महिला पुलिसकर्मी को देखती थी। सुरेखा ने भी यही से प्रेरणा ले मन में ठान लिया कि वो भी एक दिन पुलिस में भर्ती होकर रहेगी। अपने सपने को पूरा कर सुरेखा को आज गर्व है कि वो भी आज पुरूष की भांती पुलिस की नौकरी में है।
यातायात के नियमों का उल्लघंन करते पाए जाने पर सुरेखा आज भी प्रतिदिन वाहन चालकों के 140 चालान कर रही है। सुरेखा चालान के साथ लोगों को समझाती है कि घर पर कोई उनका इंतजार कर रहा होता है इसलिए घर से जब भी वाहन लेकर निकलो तो यातायात के नियमों की पालना अवश्य करो। सुरेखा ने विभागीय खेलकुद प्रतियोगिता में कुश्ती में 2 गोल्ड, अलवर में आयोजित 100 मीटर मैराथन, गौला फेंक, आदि खेलों में मेडल जीत कर टोंक पुलिस का मान भी बढ़ाया है।
सुरेखा ने इसके अलावा महिला शक्ति में भी अपनी सेवाएं दी है। इस दौरान वो शहर के प्रमुख स्थानों जहां पर स्कूली बच्चों का ज्यादा आना जाना रहता है वहां पर मनचलों से उनकी भी रक्षा में अपना योगदान दिया है। सुरेखा मूलत टोंक जिले के पीपलू पंचायत नानेर नयागांव के पास रहीमपुरा की रहने वाली है। ससुराल नीमेडा में सुरेखा के अलावा एक महिला ओर है जो टीचर है। इसके अलावा ओर कोई महिला सरकारी सेवा में नही है। सुरेखा ने शादी के बाद भी अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए बीए, बीएड की परीक्षा पास की है। बडे भाई सरकारी टीचर है जिन्होने सुरेखा को यहां तक पहुंचाने में हौसला बढ़ाया। छोटा भाई भी को पुलिस में देख आरएसी में भर्ती हो गया।
Published on:
10 Apr 2022 08:59 am
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