
सरकार की रोडवेज बसों में किराया छूट घोषणा बनी छलावा, महंगे सफर को मजबूर महिलाएं
पीपलू. प्रदेश सरकार के अंतिम बजट में महिलाओं को रोडवेज बसों में सफर के दौरान किराए में 50 प्रतिशत की छूट सौगात तो दी, लेकिन कई क्षेत्रों में इसका लाभ लेने से महिलाएं कोसों दूर नजर आती है। इसका मुख्य कारण है कि कई देहाती अंचलों में रोडवेज की बसों का संचालन ही नहीं हो पा रहा है।
पीपलू उपखंड क्षेत्र के स्टेट हाइवे 117 पर मौजूद पंचायतों मुख्यालय को छोडकऱ अन्य पंचायतों व ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से ग्रामीण महिलाओं को राज्य सरकार की रोडवेज बसों में किराए में मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट का लाभ नहीं मिल रहा है।
राज्य सरकार ने मार्च माह में महिलाओं को रोडवेज बसों में सफर करने पर आधा किराया माफ करने की घोषणा की थी, लेकिन क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के सडक़ मार्ग पर रोडवेज की बसों का संचालन नहीं हो रहा। इन मार्गों पर अधिकतर निजी बसों, कारों, इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन होता है।
यह बसें हो रही संचालित
पीपलू से वाया बगड़ी, रजवास, निवाई जयपुर के लिए होकर प्रतिदिन सुबह 7.15 बजे, पीपलू से वाया रानोली, कठमाणा, नुक्कड़, मालपुरा होते हुए अजमेर के लिए प्रतिदिन सुबह 7.15 बजे रोड़वेज बस का संचालन होता हैं। ऐसे में रोडवेज बसों में सरकार की घोषणा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
यह ग्राम पंचायतें पूरी तरह वंचित
डोडवाड़ी, पासरोटिया, संदेड़ा, लोहरवाड़ा, जौंला, कुरेड़ा, काशीपुरा, निम्हेड़ा, प्यावड़ी, बगड़वा, चौगाई ग्राम पंचायत रोडवेज बसों के संचालन से पूरी तरह वंचित है।
रोडवेज बसों का संचालन महज एक सपना
राज्य सरकार ने ग्रामीण रूटों पर रोडवेज बसों के संचालन की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक ग्रामीण क्षेत्र के सडक़ मार्गों पर एक भी रोडवेज की बस नहीं चल पाई है और लोगों के लिए यह घोषणा एक सपना बनकर रह गई है।
पंचायतों में एक-एक बस ही संचालित
स्टेट हाइवे 117 पर सोहेला डिग्र्गी मार्ग पर स्थित सोहेला, हाडीकलां, डारडातुर्की, नाथड़ी, झिराना, बोरखंडीकलां पंचायत मुख्यालय ही रोडवेज बस सेवा से जुड़ा हुआ हैं। वहीं कठमाणा, रानोली, बनवाड़ा, नानेर, जवाली, गहलोद, पीपलू, बगड़ी पंचायत बस सेवा से जुड़ी हुई हैं, लेकिन सिर्फ एक-एक बस ही इन मार्गों से संचालित हो रही है।
&टोंक आगार में 80 बसें थी, जिनमें से 5 अन्य डिपो को ट्रांसफर हो चुकी हैं। वहीं 4 बसें कंडम हो चुकी हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही बसों में भी कटौती करनी पड़ रही हैं। वहीं महिलाओं को 50 प्रतिशत किराए की छूट साधारण बसें में ही है।
रामचरण गोचर, आगार प्रबंधक, टोंक
Published on:
29 May 2023 04:39 pm
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