सरकार की घोषणा के विरोध में सभी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता हुए एक
अनशन शुरू, जुलूस निकाला
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
मालपुरा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से 19 जिलों की घोषणा के बाद विरोध का स्वर मालपुरा क्षेत्र में तेज हो गया है। लोगों ने मालपुरा को जिला बनाने की मांग को लेकर काली पट्टी बांधकर जुलुस निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
युवाओं ने अनशन भी शुरू किया है। साथ ही हस्ताक्षर अभियान चलाया गया है। मंगलवार को जिला बनाओ कोर कमेटी की बैठक का आयोजन महेश सदन में हुआ। इसमें भाजपा व कांग्रेस सहित सभी दलों के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों, प्रबुद्ध जनों सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
बैठक में कमेटी के जतनलाल जाट ने कहा कि यह कमेटी राजनीति दल से जुड़ी हुई नहीं है। सभी को जिला बनाने की मांग को लेकर एकजुट हो जाना चाहिए। एकजुट होने से ही हम जिला बना सकते हैं। हम सब मिलकर मालपुरा जिला बना सकते हैं। बैठक में रवि जैन ने कहा कि मालपुरा भौगोलिक दृष्टि से जिला बनने लायक है।
यहां 36 कोम मिलकर अगर जिला बनाने में संघर्ष करेगी तो हमें सफलता जरूर मिलेगी। बैठक मौजूद सभी संगठनों व राजनीतिक दलों ने जिला बनाने की मांग को लेकर एकजुट होकर आंदोलन करने का आह्वान किया।
बैठक के बाद विशाल जुलूस रवाना हुआ, जो सुभाष बाजार, सुभाष सर्कल, नवीन मंडी, व्यास सर्कल जयपुर रोड होता हुआ उपखंड कार्यालय पर पहुंचा। सुभाष सर्कल पर लगी सुभाष मूर्ति पर लोगों ने माल्यार्पण कर मालपुरा को जिला बनाओ के नारे से कस्बे को गुंजायमान कर दिया। इससे पहले जयपुर-भीलवाड़ा मार्ग पर युवाओं ने बैठकर मालपुरा को जिला बनाने की मांग को लेकर सांकेतिक धरना भी दिया।
उपखंड कार्यालय पर सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने करीब आधा घंटे तक मालपुरा को जिला बनाने की मांग करते हुए नारेबाजी की और इसके बाद डीएसपी सुशील मान, तहसीलदार सहदेव मंडा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
यह बताया मालपुरा का कारण
ज्ञापन में मालपुरा की भौगोलिक दृष्टि को बताते हुए 1947 की नगर पालिका, 1935 में हवाई पट्टी, अंग्रेजों के जमाने के समय से चल रहे न्यायालय परिसर व एसडीएम कार्यालय, एएसपी कार्यालय, एडीजे कोर्ट भी स्थित है व एडीएम कोर्ट भी खोली जा रही है।
मालपुरा में केन्द्रीय भेड़ व ऊन अनुसंधान संस्थान स्थित है। धार्मिक दृष्टि से कल्याण महाराज का मंदिर, जैन श्वेतांबर मंदिर दादाबाड़ी है। मालपुरा उपखंड आसपास सभी क्षेत्रों में बड़ा उपखंड है। मालपुरा उपखण्ड टोंक जिले का सबसे बड़ा उपखण्ड है।
जो दूदू व केकड़ी क्षेत्र की जनसंख्या से कहीं अधिक जनसंख्या वाला क्षेत्र है। मालपुरा क्षेत्र में मुन्सिफ कोर्ट व उपखण्ड अधिकारी का कोर्ट आजादी के पहले से ही स्थित है और इनके क्षेत्राधिकार फागी, फुलेरा, सांभर, दूनी, दूदू, मौजमाबाद आदि था। यहां पर कमिश्नरी थी जिसका क्षेत्राधिकार टोंक तक था।
ज्ञापन के दौरान प्रधान सकराम चोपड़ा, पालिका अध्यक्ष सोनिया सोनी, भाजपा मंडल अध्यक्ष त्रिलोक जैन, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद इशाक, अभिभाषक संघ अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सैनी, किशनलाल फगोडिय़ा, डीआर भरतराज सांडीवाल, गोपाल गुर्जर, जतन लाल जाट, रवि जैन एडवोकेट, पवन अग्रवाल, रूपचंद आकोदीया, सुरेश शर्मा, रघुवीर सिंह, दिनेश विजय, अवधेश शर्मा, भंवर मुवाल, सुभाष गालव, नंदकिशोर सैनी मौजूद थे।
लोगों ने दिया समर्थन
युवा शक्ति के भरतराज ने सैकड़ों युवाओं के माध्यम से कोर कमेटी को अपना समर्थन दिया और काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। मालपुरा को जिला बनाने की मांग को लेकर व्यास सर्कल पर स्वप्निल गुर्जर व कमलेश सैनी ने आमरन अनशन शुरू किया।
अनशन शुरू होते हुए लोगों का भारी समर्थन मिलना शुरू हुआ। युवा गुर्जर महासभा के जिला अध्यक्ष राजेश गुर्जर ने मालपुर को जिला बनाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। इसके तहत व्यास सर्कल पर हजारों लोगों ने हस्ताक्षर किए।
मालपुरा को जिला बनाने की मांग को लेकर राजनीतिक दलों सहित अन्य संगठनों ने अलग-अलग ज्ञापन दिए थे। लेकिन जिला कोर कमेटी का गठन कर सभी ने एकजुट होकर जिला बनाने की मांग शुरू की है। सभी राजनीतिक दलों का एक जाजम पर आना कस्बे में चर्चा का विषय बना रहा।