
पुलिस पब्लिक संवाद: युवा सीधे करे पुलिस से बात तो अपराध पर लगे रोक
टोंक. पुलिस व जनता के बीच दूरी कम करने के लिए राजस्थान पत्रिका की ओर से संवाद कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के उर्दू विभाग में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पुलिस उपाअधीक्षक चन्द्रसिंह रावत ने कहा कि युवा अपराध की तरफ नहीं मुड़े इसके लिए उन्हें नशे की ओर नहीं जाना है। अपराध का बड़ा कारण नशा बनता जा रहा है। सोशल मीडिया ज्ञान के लिए जरूरी हैए लेकिन इसकी अति खराब है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपना आस.पास व क्षेत्र में होने वाली अपराधिक गतिविधियों की जानकारियां तत्काल पुलिस को दे। पुलिस को सूचना देते समय कोई संकोच नहीं करे। अगर युवाओं को लगता है कि अपराध की सूचना देने पर उस पर आफत आ जाएगी तो वो बेफ्रिक रहे। पुलिस सूचना देने वाला का नाम गुप्त भी रखती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार सामरिया ने कहा कि जनता और पुलिस के बीच कई बिंदुओं को लेकर दूरियां बढ़ गई है।
राजस्थान पत्रिका ने अभियान चलाकर यह दूरी कम करने का कार्य शुरू किया है। इससे अपराध पर नियंत्रण लगेगा। सामरिया ने कहा कि पुलिस मदद के लिए है। ऐसे में निशंकोच पुलिस की मदद लेनी चाहिए। पुलिस जाने और बात बताने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। सूचना देने में जरा सी हिचकिचाहट बड़े अपराध का कारण बनती है। ऐसे में पुलिस को आपराधिक गतिविधियों के बारे में बताना चाहिए।
कोतवाली थाना प्रभारी लक्ष्मणसिंह ने कहा कि हर मोहल्ले में बीट कांस्टेबलए थाना प्रभारी समेत अन्य सूचना चस्पा की गई है। ऐसे में युवाओं को सूचना देने में आसानी है। उन्होंने पुलिस से संवाद करने के लिए 01432.24400ए 0132.247130 तथा मोबाइल फोन नम्बर 7413909100 नम्बर दिए हैं। इस पर 24 घंटे बाद की जा सकती है। मंच का संचालन उर्दू विभागाध्यक्ष डॉण् सैयद सादिक अली ने किया। इस दौरान कॉलेज संकाय सदस्य लोकेश कुमार शर्माए डॉण् कजोड़लाल बैरवाए प्रमोदकुमार शर्माए यास्मीन फातमाए एनसीसी प्रभारी मोहम्मद बाकिर हुसैन तथा राशिद मियां ने भी विचार व्यक्त किए।
युवाओं ने रखी समस्या और जिज्ञासा
संवाद कार्यक्रम में युवाओं ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी और जिज्ञासाओं को शांत किया। युवाओं ने पूछा कि कई बार फोन करने पर पुलिस मौके पर नहीं आती। फोन करे और अपराधी से दुश्मनी हो गई तोघ् इस पर पुलिस उपाधीक्षक चन्द्रसिंह रावत ने कहा कि सही जगह का पता नहीं होने पर पुलिस मौके पर कई बार देर से पहुंचती है। सूचना देते समय पुलिस को जगह का पता सही बताया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है।
पुलिस से दूरी नहींए नजदीकियां हो
पुलिस से दूरी नहीं बनानी चाहिए। बल्कि नजदीकियां बनाकर अपराध की सूचना देनी चाहिए। अपराध पर नियंत्रण आमजन के सहयोग से तत्काल पाया जा सकता है। सहयोग नहीं करने पर देरी होती है। युवा पुलिस के सहयोग बने।
चन्द्रसिंह रावत, पुलिस उपाधीक्षक टोंक
युवाओं को करनी होगी पहल
अपराध दिनों-दिन बढ़ते जा रहे है। इस पर रोक लगाने के लिए युवाओं को पहल करनी होगी। युवाओं को चाहिए कि वे अपराध और आपराधिक गतिविधियों की सूचना पुलिस को दे।
प्रो. अशोक कुमार सामरिया, प्राचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय
पुलिस को बनाया जाए दोस्त
पुलिस सुरक्षा करती है। उसको दोस्त बनाकर सूचना देनी चाहिए। वह हमेशा आपकी मदद करेगी। सूचना देने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए।
डॉ. सादिक अली, उर्दू विभागाध्यक्ष
तत्काल पहुंचेगी पुलिस
किसी भी इलाके में कोई भी हरकत गलत नजर आए तो पुलिस को सूचना दो। तत्काल पुलिस मौके पर पहुंचेगी।
लक्ष्मण सिंह, कोतवाली थाना प्रभारी टोंक
हम पुलिस को दे और कोई परेशानी तो नहीं होगी ना। अपराध पर नियंत्रण के लिए हम पहल करेंगे।
अब्दुल वहाब, विद्यार्थी
कई बार देखने को मिलता है कि महिलाओं और लड़कियों को परेशान किया जाता है। क्या सूचना देने पर पुलिस मदद करेगी किस नम्बर पर सूचना दी जाए।
शाहीना मुमताज, विद्यार्थी
मोहल्ले में झगड़ा हो था। हमनें पुलिस को सूचना दीए लेकिन नहीं आई। अब कैसे पुलिस को सूचना दी जाए।
रिमास, विद्यार्थी
संवाद कार्यक्रम में जो हमे जानकारी मिली है उसका संदेश आस.पास और मिलने को पहुंचाएंगे कि पुलिस को अपराध की सूचना तत्काल देनी चाहिए।
राजवीर सिंह, विद्यार्थी
कई बार दुर्घटना में किसी मदद करने में इस लिए डर लगता है कि गवाही और पूछताछ के लिए जाना पड़ेगा। सागर बैरवा, विद्यार्थी
Published on:
26 Mar 2021 09:48 pm
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