
हिमाचल की पहाड़ियों के बीच में बसा मनाली अपनी खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। हर साल लाखों सैलानी यहां की नैसृर्गिक सुंदरता देखने आते हैं। अगर आप भी वहां जाने का प्रोग्राम बना रहे हैं, तो हम आपको बता रहे हैं कि मनाली की हसीन वादियों की सैर करने लिए सबसे बेहतर समय तक कौनसा है और वहां ऐसा क्या है जो आपका मन मोह लेगा। आईए जानते है मनाली की खूबसूरती के बारे में...

मनाली के मनमोहक नजारें नाग्गर किला, जो मनाली के दक्षिण में स्थित है, पाल साम्राज्य का स्मारक है। चट्टानों, पत्थरों और लकड़ियों के विस्तृत कढ़ाईयों से बना यह हिमाचल के समृद्ध और सुरुचिपूर्ण कलाकृतियों का सम्मिश्रण है। इस किले को बाद में एक होटल में परिवर्तित कर दिया गया।

हिडिम्बा देवी मंदिर, 1553 में स्थापित, पांडव राजकुमार भीम की पत्नी हिडिम्बा, जो स्थानिय देवी है, उनको समर्पित हैं। यह मंदिर अपने चार मंजिला शिवालय एवं विलक्षण काठ की कढ़ाई के लिए जाना जाता है।

रहला झरनें, रोह्तंग मार्ग की चढाई के आरम्भ में मनाली से कुछ 27 कि.मी. (17 मील) पड़ते हैं, ये 2,501 मी. (8,210 फुट) की ऊंचाई पर स्थित खूबसूरत रहला झरनें हैं।

सोलंग नुल्लाह— मनाली से 13 किमी की दूरी पर स्थित सोलंग नुल्लाह 300 मीटर की स्की लिफ्ट के लिए लोकप्रिय है। इस खूबसूरत स्थान से ग्लेशियर और बर्फ से ढकी पहाड़ों की चोटियों के मनोहर नजारे देखे जा सकते हैं। नजदीक ही मनाली की प्रारंभिक राजधानी जगतसुख भी देखने योग्य जगह है।

अर्जुन गुफा को देखने के लिए देशभर से सैलानी यहां आते हैं। यह गुफा पिरनी गांव में है। कहा जाता है महाभारत के अर्जुन ने यहां तपस्या की थी। इसी स्थान पर इन्द्रदेव ने उन्हें पशुपति अस्त्र प्रदान किया था।

मनाली से 51 किलोमीटर दूरी पर मौजूद रोहतांग दर्रा सैलानियों को काफी भाता है। यह मई के महीने में पर्यटकों के लिए खुल जाता है और सितंबर में भारी बर्फबारी के कारण बंद कर दिया जाता है।

व्यास कुंड- यह कुंड पवित्र व्यास नदी का जल स्रोत है। व्यास नदी में झरने के समान यहां से पानी बहता है। यहां का पानी एकदम साफ और इतना ठंडा होता है कि उंगलियों को सुन्न कर देता है। इसके चारों ओर पत्थर ही पत्थर हैं और वनस्पतियां बहुत कम हैं।

ओल्ड मनाली- मनाली से 3 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में ओल्ड मनाली है जो बगीचों और प्राचीन गेस्टहाउसों के लिए काफी प्रसिद्ध है। मनालीगढ़ नामक क्षतिग्रस्त किला भी यहां देखा जा सकता है।

मनु मंदिर—ओल्ड मनाली में स्थित मनु मंदिर महर्षि मनु को समर्पित है। यहां आकर उन्होंने ध्यान लगाया था। मंदिर तक पहुंचने का मार्ग दुरूह और रपटीला है।

मनाली घूमने के लिए सबसे अच्छा मौसम- मनाली जाने का सबसे अच्छा समय मार्च से सितंबर होता है, अगर सर्दियों में जाने का प्रोग्राम बना रहे हों, तो भारी ऊनी कपड़े ले जाना न भूलें, क्योंकि यहां बर्फ की मोटी चादर नजर आएगी। राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग का लुफ्त उठाने वाले पर्यटक जनवरी से मध्य अप्रैल के बीच जाएं तो ज्यादा बेहतर है।

कैसे पहुंचे मनालीः वायुमार्ग-मनाली से 50 किलोमीटर की दूरी पर भुंतर नजदीकी एयरपोर्ट है। मनाली पहुंचने के लिए यहां से बस या टैक्सी की सेवाएं ली जा सकती हैं। रेलमार्ग-जोगिन्दर नगर नैरो गैज रेलवे स्टेशन मनाली का नजदीकी रेलवे स्टेशन है जो मनाली से 135 किलोमीटर की दूरी पर है। मनाली से 310 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ नजदीकी ब्रॉड गेज रेलवे स्टेशन है। सड़क मार्ग- मनाली हिमाचल और आसपास के शहरों से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। राज्य परिवहन निगम की बसें अनेक शहरों से मनाली जाती हैं।