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ये हैं धरती का स्वर्ग, सैर कर जानिए यहां का धार्मिक महत्व

पृथ्वी पर स्वर्ग नाम से अभिहित, कश्मीर के पर्वतीय परिदृश्य सदियों से पर्यटकों को आकर्षित करते रहे हैं

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Bhup Singh

Dec 12, 2015

Tourism in Jammu and Kashmir

Tourism in Jammu and Kashmir

कश्मीर अपनी सुंदरता के कारण पृथ्वी का स्वर्ग माना जाता है। कश्मीर की घाटी भारत के हिमालय और पीए पंजाल पर्वत श्रंखला के बीच बसी है। जम्मू-कश्मीर भारत का सबसे उत्तरी राज्य है। जम्मू अपने प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचिन मंदिरों, हिंदू धार्मिक स्थलों, महल, उद्यान और किलो के लिए प्रसिद्ध है। पृथ्वी पर स्वर्ग नाम से अभिहित, कश्मीर के पर्वतीय परिदृश्य सदियों से पर्यटकों को आकर्षित करते रहे हैं। उल्लेखनीय स्थल हैं डल झील, श्रीनगर पहलगाम, गुलमर्ग, यूसमार्ग और मुग़ल गार्डन आदि. तथापि, उग्रवाद की वजह से पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित है।
हाल के वर्षों में, साहसिक पर्यटन के लिए लद्दाख एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। नग्न चोटियों और गहरी घाटियों से युक्त ग्रेटर हिमालय के इस हिस्से को पृथ्वी का चांद कहा जाता है, जवपो कभी उपमहाद्वीप से उच्च एशिया के सिल्क रूट के लिए जाना जाता था। लेह भी पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है।

लोककथाओं के अनुसार यहां स्थित झील को एक प्रसिद्द हिंदू साधु कश्यप ने सुखा दिया था। इसके सुखने के बाद अंदर से जो भूमि प्रकट हुई, उसके कारण कश्मीर राज्य अस्तित्व में आया। आइए, अब हम आपको कश्मीर के कुछ पर्यटन स्थलों के बारे में बताते हैं।

कश्मीर के पर्यटन स्थल-

1. डल झील-
यहां पर प्रसिद्द डल झील के किनारे स्थित हजऱत बल मस्जि़द अवश्य देखनी चाहिए। कश्मीर के सबसे पुराने और दिखावटी धार्मिक स्थलों में से एक चरार–ए–शरीफ है।श्रीनगर से कुछ दूरी पर स्थित इस धार्मिक स्थल का निर्माण एक प्रसिद्द कश्मीरी सूफ़ी संत नूरूद्दीन की याद में किया गया था।

2. झेलम नदी-
इसके किनारे पर स्थित शाह हमदान का खानकाह एक अन्य पर्यटन स्थल है। यहां की प्रमुख विशेषताओं में नदार घंटियां और नक्काशीदार पत्ते शामिल हैं। इस धार्मिक स्थल का निर्माण सिकंदर ने 1835 में किया था।

3. खीर भवानी का मंदिर-
श्रीनगर से 27 किलोमीटर की दूरी पर खीर भवानी का मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण महाराजा प्रताप सिंह ने करवाया था। इस मंदिर में हिंदू देवी राग्न्य की मूर्ति है। ऐसा माना जाता है कि श्री राम चन्द्र जी ने अपने निर्वासन के समय में इस मंदिर का इस्तेमाल पूजा की जगह के रूप में किया था। इस मंदिर में भक्तों द्वारा केवल एक भारतीय मिठाई खीर और दूध ही चढ़ाया जाता है।

4. शंकराचार्य मंदिर-
शंकराचार्य मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यह कश्मीर का एक अन्य पर्यटन स्थल है। यह मंदिर कई पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह कश्मीर के अनंतनाग शहर के पास स्थित है। इस मंदिर का निर्माण सूर्य राजवंश के राजा ललितादित्य ने किया था।

5. शिव खोरी -
शिव खोरी की प्राकृतिक गुफा को उसमें प्राकृतिक रूप से बने शिवलिंग के लिए जाना जाता है जो विनाश के हिंदू देवता शिव का प्रतीकात्मक रूप है। यह जम्मू से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गुफा की छत पर हिंदू सर्प देवता शेषनाग के चित्र देखे जा सकते हैं। गुफा के केंद्र में एक गढ्डा देखा जा सकता है जो शिवजी की जटा या उलझे हुए बालों की गांठ का प्रतीक है।

6. लुभावने गार्डन-
यहां सम्राट जहांगीर द्वारा उसकी पत्नी नूर जहां के लिए बनाया गया शालीमार गार्डन भी अत्यंत लोकप्रिय है। यहां पर स्थित गार्डन ऑफ लव भी बहुत प्रसिद्ध है। इसमें एक तालाब है, जिसके केंद्र में काले पत्थर का रंगमंच है। इस उद्यान में आयोजित लाइट और संगीत के शो के कई पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

कैसे पहुंचे

हवाई सफर
एयर इंडिया, जेट एयरवेज, गोएयर इंडिया, इंडिगो एयरलांइस, स्पाइस जेट आदि के प्लेन जम्मू-कश्मीर और लेह राज्य के लिए उड़ानें भरते हैं।

ट्रेन से
रेल के माध्यम से आप उदमपुर तक जा सकते हैं। इसके बाद आप एसयूवी/एमयूवी (टाटा सूमो/टोयटा इनोवा/महेन्द्रा स्कॉर्पियो/टैक्सी) आदि से जा सकते है। कश्मीर रेलवे एक ऐसी रेवले लाइन का निर्माण कर रहा है जिससे भारत के अन्य राज्यों को कश्मीर से जोड़ा जाएगा।

बस से
यहां बस से पहुंचने के दो रास्ते हैं। एक जम्मू होते हुए श्रीनगर या हिमाचल प्रदेश में मनाली होते हुए लेह पहुंच सकते हैं।

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