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विक्रमशिला विश्वविद्यालय का रहस्य जानने के लिए अवश्य सैर करें

यहां के अनेकानेक विद्वानों ने विभिन्न ग्रंथों की रचना की, जिनका बौद्ध साहित्य और इतिहास में नाम है

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Bhup Singh

Dec 19, 2015

Vikramshila University

Vikramshila University

विक्रमशिला विश्वविद्यालय बिहार राज्य के भागलपुर जिले में स्थित था। इस विश्वविद्यालय की स्थापना पाल वंश के राजा धर्मपाल ने 775-800 ई0 में की थी। विश्वविद्यालय को स्थापना के तुरंत बाद ही अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हुई। विश्वविद्यालय के प्रख्यात विद्वानों की एक लंबी सूची है। तिब्बत के साथ इस शिक्षा केन्द्र का प्रारम्भ से ही विशेष सम्बंध रहा। विश्वविद्यालय में विद्याध्ययन के लिए आने वाले तिब्बत के विद्वानों के लिए अलग से एक अतिथिशाला थी। विश्वविद्यालय में व्याकरण, न्याय, दर्शन और तंत्र के अध्ययन की विशेष व्यवस्था थी।

यहां के अनेकानेक विद्वानों ने विभिन्न ग्रंथों की रचना की, जिनका बौद्ध साहित्य और इतिहास में नाम है। इनमें रक्षित, विरोचन, ज्ञानपाद, जेतारि रत्नाकर शान्ति, ज्ञानश्री मिश्र, रत्नवज्र और अभयंकर प्रसिद्ध हैं। दीपंकर नामक विद्वान ने लगभग 200 ग्रंथों की रचना की थी। 1203 ई0 में बख्तियार खिलजी ने इसे किला समझकर नष्ट कर दिया। अब इसकेखण्डहर ही शेष हैं।

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