बेटे के जन्म पर फूट- फूटकर रोई थी ये मां, भगवान से कहा- मैंने तो ये नहीं मांगा था? बहुत इमोशनल इस मां की कहानी
Riya Jain
| Updated: 04 Sep 2019, 09:36:07 AM (IST)
बेटे के जन्म पर फूट- फूटकर रोई थी ये मां, भगवान से कहा- मैंने तो ये नहीं मांगा था? बहुत इमोशनल इस मां की कहानी

अर्पिता यादव पेशे से दिव्यांग बच्चों की टीचर हैं। जयपुर से आईं अर्पिता का जीवन काफी संघर्ष से भरा रहा है।

कौन बनेगा करोड़पति ( kaun banega crorepati 11 ) का सीजन 11 बेहद खास है। दिन प्रतिदिन यह शो टीआरपी की लिस्ट में आगे आ रहा है। एक बार फिर अमिताभ बच्चन ( amitabh bachchan ) का यह शो दर्शकों को पसंद आ रहा है। अब जल्द ही आने वाले एपिसोड में जयपुर की रहने वाली कंटेस्टेंट अर्पिता यादव हॅाट सीट पर बैठने वाली हैं।

 

 

जल्द शुरू होंगे 'KBC 11' के रजिस्ट्रेशन, ये है प्रोसेस, अमिताभ ने ट्वीट कर दी जानकारी

अर्पिता यादव ( arpita yadav ) देखने में तो एक आम महिला हैं, लेकिन उनकी जिंदगी की कहानी बेहद अनोखी है। केबीसी-11 के नए एपिसोड के प्रोमो में खुद अमिताभ बच्चन के सामने अर्पिता ने अपनी रियल लाइफ के बारे में जानकारी दी।

दरअसल, अर्पिता यादव पेशे से दिव्यांग बच्चों की टीचर हैं। जयपुर से आईं अर्पिता का जीवन काफी संघर्ष से भरा रहा है। अमिताभ बच्चन से बातचीत के दौरान अर्पिता ने बताया, 'आज मैं जो भी हूं अपने गुरु और बेटे की वजह से हूं। मैं हॉट सीट तक पहुंची हूं लेकिन जब मेरा बेटा हुआ था तो मुझे लगा था ये क्या हो गया? मेरा पहला रिएक्शन यही था कि ये क्या क्यों है? मैंने तो भगवान से ये नहीं मांगा था?'

 

arpita1_2.jpg

आगे अर्पिता यादव ने बताया, 'मेरा बेटा निर्भय नॉर्मल नहीं था। उसे देखने के बाद मैंने ये यही कहा था कि मैंने ये तो नहीं मांगा था। बेटे को देखने के बाद खुद से, भगवान से और सोसाइटी के हर शख्स पर मुझे सिर्फ गुस्सा था। एक ही सवाल बार-बार जहन में आ रहा था कि आखिरी मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ? मेरा बेटा निर्भय दिव्यांग था और उसकी बीमारी का कोई इलाज नहीं था।' अर्पिता यादव की बात सुनकर कौन बनेगा करोड़पति में सबकी आंखें नम हो जाती हैं।

 

arpita2_2.jpg

उन्होंने आगे कहा, 'उसकी जिंदगी भी कम समय की है। मेडिकल के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा वो 20 साल जी पाएगा और एक मां होते हुए ये बर्दाश्त करना बहुत मुश्किल है। मैंने हार नहीं मानी है उसके लिए सबसे लड़ रही हूं और आज मेरा बेटा मेरा गुरूर है।'