Anupama 17th September Written Update: उड़ान भरने के लिए तैयार है अनुपमा, पर काटने की वनराज ने दी धमकी

By: Shweta Dhobhal
| Published: 17 Sep 2021, 10:10 AM IST
Anupama 17th September Written Update: उड़ान भरने के लिए तैयार है अनुपमा, पर काटने की वनराज ने दी धमकी
Anupama

अनुपमा अनुज कपाड़िया के घर मिठाई का डिब्बा भेजती है। जिसे देख काका और अनुज दोनों ही हैरान हो जाते हैं। वहीं अनुपमा अपने घर में भी पूरे परिवार को मिठाई खिलाकर जोरदार जवाब देती है। वनराज एक बार से अनुपमा को दबाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इस बार अनुपमा ने भी खुले में वनराज को चेतावनी दे दी है।

 

नई दिल्ली। शो अनुपमा में इन दिनों जबरदस्त ड्रामा देखने को मिल रहा है। अनुपमा का आइडिया अनुज कपाड़िया को काफी पसंद आता है। ये देख वनराज, काव्या, बॉ, और पारितोष काफी नाराज़ हैं। सभी चाहते हैं कि कैसे ना कैसे अनुपमा अनुज के साथ काम करने से मना कर दे, लेकिन अनुपमा की दोस्त देविका उसे समझाती है। जिसके बाद अनुपमा एक चौंकाने वाला फैसला लेती है।

देविका ने समझाया अनुपमा को

अनुज कपाड़िया अनुपमा के कारखाने की जगह और लाइसेंस के बारें में बात करता है। अनुज की टीम कहती है कि वो कारखाने की जगह देख रहे हैं। तभी होटल का डिजाइन तय होगा। अनुज जल्द से जल्द मीटिंग रखने को कहता है। वहीं दूसरी ओर देविका अनुपमा को हिम्मत देती है। लेकिन अनुपमा देविका एकेडमी से जानें को कहती है। लेकिन देविका नहीं जाती। देविका अनुपमा को कहती है कि वो केवल अपने बारें में सोच रही है। वो उन महिलाओं के बारें में नहीं सोच रही है। जो उन जैसी हैं लेकिन आगे नहीं बढ़ पाती है।

देविका अनुपमा से कहती है कि उसे अनुज कपाड़िया को फिर वो महिलाओं वाला ऑफर नहीं देना चाहिए था। देविका अनुपमा से कहती है कि वो अनुज कपाड़िया की जगह अगर वो या कोई और भी उसे काम देता तो उसके घरवालों को दिक्कत होती ही। देविका अनुपमा को बताती है कि वो भी अनुज कपाड़िया के साथ काम कर रही है। उसे करना है या नहीं उसे ही तय करना है।

गुस्से में निकली देविका

देविका डांस एकेडमी से बाहर निकलते ही समर को बताती है कि उसने उसकी मां को समझाने की पूरी कोशिश की लेकिन वो नहीं मानी। वहीं अनुपमा डांस एकेडमी में बैठे हुए पेपर्स को देखती है और छोड़कर बच्चों को डांस सीखाने लगती है। वनराज अनुपमा की हालत परल हंसता है और कहता है कि वो जानता था वो उसके बस की नहीं है। देविका भी अनुज के पास ऑफिस पहुंचती है और कहती है कि अनुपमा कुछ नहीं समझती है। देविका अनुज से कहती है कि वो अनुपमा से बात करें, लेकिन अनुज मना कर देता है। अनुज कहता है कि औरतों को कभी भी हैंडल नहीं करना चाहिए।

बाबू जी ने की बॉ से बात करना बंद

बाबू जी घर में कुछ ढूंढ रहे होते हैं। बॉ उनकी मदद करने की कोशिश कर रही होती है, लेकिन बाबू जी बॉ को साफ मना कर देते हैं कि उन्हें उनसे कोई बात नहीं करनी है। बॉ अनुपमा को फिर ताना देती हैं। तभी काव्या आकर बॉ को कहती है कि जब वो भी यही कह रही थी। तब वो उस पर चिल्लाने लगी थी। बॉ फिर काव्या को डांटती है और जानें को कहती है।

 

खुद से नाराज़ अनुज

वहां अनुज कपाड़िया को अंधेरे में देख काका परेशान हो जाते हैं। काका अनुज के पास आते हैं और पूछते हैं कि क्या हुआ? अनुज कहता है कहीं ऐसा तो नहीं है कि उसने वापस आकर कोई गलती कर दी है। अनुज कहता है कि उसे खुद गुस्सा आ रहा है। अनुज कहता है कि उसे कभी कोई नहीं करनी थी। लेकिन उसके दिल ने एक उम्मीद लगा ली है। अनुज कहता है कि वो बस अनुपमा को आगे बढ़ता हुआ देखना चाहता है।

अनुज काका को बताता है कि देविका ने बताया कि अनुपमा उनका प्रपोजल नहीं लेगी। अनुज गुस्से को कम करने के लिए खुद कुकिंग करने को कहता है। वहां अनुपमा देविका से अनुज का फोन नंबर और घर का पता मांगती है। तभी एक घंटी बजती है। अनुज गेट खोलता है और चौंक जाता है।

अनुपमा की हिम्मत देख डरा वनराज

घर में सभी मिठाई को एन्जॉय कर रहे होते हैं। तभी बॉ पूछती है कि मिठाई किस खुशी में है। अनुपमा बताती है कि उसने ये मिठाई मांगई है। अनुपमा एक मिठाई का डिब्बा अनुज कपाड़िया के घर भी भेजती है। जिसे देख अनुज और काका हैरान हो जाते हैं। अनुपमा वनराज के करीब जाती है और उसकी जेब में रखा हुआ पेन निकालकर पेपर्स साइन कर देती है। ये देख वनराज को याद आता है कि कैसे पहले अनुपमा उसके डर से कांप जाती थी। वनराज अनुपमा पर चिल्लाता है। वनराज अनुपमा को कहता है कि उसकी हिम्मत कैसी हुई जो उसने ये फैसला लिया।

बॉ की बात सुनकर हैरान अनुपमा

बॉ अनुपमा को कहती है कि कभी तो वो खुद के अलावा किसी और के बारें में सोच लिया कर। बॉ की बात सुनकर अनुपमा हैरान हो जाती है। अनुपमा बताती है कि कैसे बॉ की वजह से उसने किचन को ही घर बना लिया था। पत्नि बनकर सालों तक वो वनराज के पीछे चली। तोषो की मां बनकर ही वो रह गई। अनुपमा बताती है कि कैसे एक समाज में औरतों का बाहर निकलना मुश्किल है। कोई भी औरत अपनी मर्जी से सांस तक नहीं ले सकती है। अनुपमा वनराज की सोच को भी हज़ारों साल पुरानी बताती है।

अनुपमा ने दिखाया सभी को आईना

अनुपमा बताती है कि बॉ कैसे अपने बेटे के कैफे खुलते ही नाची थीं। घुटने में दर्द होने के बावजूद भी वो नाचीं, लेकिन आज वो क्यों दुखी है? बॉ अनुपमा को कहती है कि वो उसका मुंह ना खुलवाए। अनुपमा कहती है कि वो जो इतने दिनों में ताने मार कर बात कहती थीं। आज वो कह दें। वनराज ये बात सुनकर अनुपमा से कहता है कि वो कितनी बेशर्म हैं। ये सुनकर वो क्यों हीरोइन बनना चाहती है। अनुपमा कहती है कि वो हीरोइन है और अब साइड में रहकर नहीं बल्कि सामने आकर अपनी जिंदगी के फैसले लेंगी।

अनुपमा ने कही दिल की बात

बॉ अनुपमा से कहती है कि वो अनुज कपाड़िया के साथ काम करेगी। अनुपमा कहती है कि अनुज कपाड़िया के दिल में क्या है उससे उसे कोई मतलब नहीं है। उसे खुद के दिल में क्या है। उससे मतलब है। अनुपमा कहती है कि अब वही करना चाहती है जो उसके दिल में हैं।

( Precap- अनुपमा हाथों में पेपर्स लिए वनराज को कहती है कि वो कल सुबह अनुज कपाड़िया के दफ्तर जाएगी। वनराज कहता है कि ज्यादा उड़ने की जरुरत नहीं है। पर काट दूंगा। अनुपमा वनराज को चेतावनी देती है कि वो ऐसा करके तो देखे। हार जाएगा।)