
नई दिल्ली: लॉकडाउन के कारण लोगों ने 'महाभारत' (Mahabharat) के दोबारा प्रसारण की डिमांड की थी। जिसको देखते हुए इसका प्रसारण फिर से दूरदर्शन पर किया जा रहा है। दर्शकों द्वारा महाभारत को पहले की तरह ही काफी प्यार मिल रहा है। वहीं इसके किरदार भी एक बार फिर चर्चा में हैं। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले गजेंद्र चौहान (Gajendra Chauhan) को कैसे मिला यह किरदार।
दरअसल, गजेंद्र चौहान को ऑफर तो भगवान कृष्ण का रोल ऑफर हुआ था लेकिन उनकी एक भूल के कारण उनके हाथों ये रोल चला गया। साल 1986 जब महाभारत का मुहूर्त शूट होना था तब राज बब्बर इसके शरुआती एपिसोड शूट कर रहे थे। मगर दूरदर्शन पर उस वक्त रामायण (Ramayan) और महाभारत में से कोई एक ही सीरियल टेलीकास्ट होना था। जिसके बाद रामायण को टेलीकास्ट
किया गया।
दूरदर्शन पर रामायण टेलीकास्ट हो रही थी तो महाभारत के एक्टर्स को उस वक्त काफी टाइम मिल गया। ऐसे में एक्टर गजेंद्र चौहान साउथ में फिल्मों की शूटिंग के लिए चले गए। लेकिन साउथ में खाने में ज्यादातर चावल ही खाया ही जाता है, जिसकी वजह से गजेंद्र चौहान काफी मोटे हो गए थे। उसके बाद जब वह महाभारत की शूटिंग के लिए वापस आए तो तब रवि चोपड़ा ने उन्हें देख कर मना कर दिया कि वह कृष्ण के रोल में फिट नहीं हैं क्योंकि वह मोटे हो गए हैं। गजेंद्र को बलराम का रोल ऑफर किया गया, लेकिन उन्होंने इस रोल करने से मना कर दिया।
जिसके बाद रवि चोपड़ा ने उन्हें युधिष्ठिर का रोल ऑफर किया। गजेंद्र चौहान ने युधिष्ठिर का स्क्रीन टेस्ट दिया। इस रोल में गजेंद्र चौहान फिट बैठ रहे थे। फिर क्या थे शो के निर्देशक ने इसके लिए हामी भरी और फिर गजेंद्र चौहान बने युधिष्ठिर।
Published on:
23 Apr 2020 07:21 pm
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