
माहे रमजान में इस बार चार जुमे ही होंगे। शुक्रवार को रमजान का दूसरा जुमा होने पर जिलेभर की मस्जिदों में विशेष नमाज होगी। मुख्य नमाज ईदगाह चौक स्थित जामा मस्जिद में दोपहर डेढ़ बजे पढ़ी जाएगी। इस दौरान जामा मस्जिद के इमाम हाजी हाफिज मोहम्मद इब्राहिम मस्जिद में खुतबा पढे़ंगे और जकात के बारे में नमाजी व रोजेदारों को अवगत कराएंगे। इमाम मोहम्मद इब्राहिम ने बताया कि रोजा रखने का मकसद अपने आप को बुराइयों से बचाना है। रोजा रखने वाले बंदे के मालिक पिछले गुनाह माफ कर देते हैं।
इबादत की तैयारियों में जुटे रोजेदार
शुक्रवार को रमजान का दूसरा जुमा होने पर कई छोटे बच्चे और बुजुर्ग लोग रोजा रखने की तैयारियों में लगे हुए हैं। इनका मानना है कि रोजा रखने से मन और तन दोनों पाक साफ होते हैं। सुबह सहरी के बाद शाम को रोजे खोले जाएंगे। इसके बाद रोजेदार वापस कुरान की तिलावत और अल्लाह की इबादत में जुट जाएंगे।
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हर दुआ होती है कबूल
देवीपुरा स्थित फातमा मस्जिद के इमाम मोहम्मद रफीक ने बताया कि हुजूर सल्लल्लाहु वसल्लम का इरशाद है कि रमजान का महीना बरकतों वाला होता है। इस महीने में अल्लाह तआला बरकत और रहमत अदा फरमाते हैं। खताओं को माफ करते हैं। इस पाक महीने में नेकी दिखाने पर विशेष तौर पर रोजेदार की हर दुआ कबूल की जाती है।
Published on:
09 Jun 2017 12:17 pm
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