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हरियाली बचाने के लिए दो गांव भिड़े, 14 मनरेगा श्रमिक घायल, 16 वर्ष से चल रहा मन-मुटाव

वाणियातलाई पंचायत के कड़ेचा गांव में कार्यरत मनरेगा श्रमिकों पर शनिवार को सालमपुरा गांव के ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इसमें 14 मनरेगा श्रमिक घायल हो गए।

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14 MGNREGA workers injured in two villages issue at bhinder udaipur

भीण्डर (उदयपुर)। वाणियातलाई पंचायत के कड़ेचा गांव में कार्यरत मनरेगा श्रमिकों पर शनिवार को सालमपुरा गांव के ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इसमें 14 मनरेगा श्रमिक घायल हो गए। इन्हें भीण्डर चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंच ग्रामीणों को वहां से खदेड़ा।

चारागह भूमि पर मनरेगा योजना को कार्य करवाया जा रहा था। इसमें 126 मनरेगा श्रमिक कार्य कर रहे थे। इस दौरान सालमपुरा के ग्रामीणों ने चरनोट भूमि पर अपना कब्जा जताने के लिए मनरेगा काम कर रहे श्रमिकों पर हमला कर दिया। इससे 14 श्रमिक घायल हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू की।

16 वर्ष से दो गांवों में चल रहा मन-मुटाव
भीण्डर पंचायत समिति मुख्यालय से महज दो किलोमीटर दूर वाणियातलाई पंचायत के कड़ेचा गांव की चारागाह भूमि में 16 वर्ष से मेहनत करते बंजर जमीन में हरियाली पैदा करने वाले ग्रामीण पड़ौसी गांव सालमपुरा से लड़ाई लड़ रहे हैं।

पर्यावरण के लिए बेहतर उदाहरण देने वाले इस गांव के ग्रामीणों ने गत वर्ष प्रशासनिक लड़ाई लड़ते हुए जमीन की सीमा जानकारी करते हुए चरनोट भूमि कड़ेचा गांव की होना पाई गई। लेकिन एक बार फिर से सालमपुरा के ग्रामीणों ने जमीन पर अपना हक जताते हुए चरनोट भूमि पर कार्य कर रहे मनरेगा श्रमिकों पर हमला कर दिया।