
उदयपुर. मानसिक रूप से प्रताडि़त एक महिला दो मासूम बच्चों के साथ भटकती हुई पंजाब के लुधियाना से आदिवासी बहुल क्षेत्र फलासिया में पहुंच गई। महिला काफी डर-सहमी हुई है, वह न तो बच्चों को अपने से जुदा कर रही है और न ही वह कुछ बता पा रही है। बाल कल्याण समिति ने महिला की मनोस्थिति को देखते हुए उसे बच्चों सहित सेवा मंदिर के अल्पावास में रखवाया है। चाइल्ड लाइन की टीम लुधियाना टीम से सम्पर्क साधते हुए परिजनों का पता लगाने में जुटी है।
फलासिया के बस स्टैण्ड पर शुक्रवार को महिला के बच्चों सहित बैठे होने पर कॉलर ने चाइल्ड लाइन सब सेन्टर झाडोल पर सूचना दी। सूचना मिलने पर बाल कल्याण समिति सदस्य बी.के.गुप्ता एवं चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक नवनीत औदिच्य ने फलासिया थानाधिकारी दलपतसिंह से सम्पर्क किया। टीम के सदस्य पन्नालाल एवं रूकमणी सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
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गोलमाल जवाब दिए
महिला से जब टीम ने बात करनी चाही तो उसने गोलमाल जवाब दिए। जानकारी में आया कि महिला को किसी ने बहला-फुसला कर धोखे से वाहन में बिठा दिया जिससे वह गुजरात से होती हुई फलासिया पहुंच गई। महिला के पास एक बैग भी था लेकिन उसने उसे हाथ नहीं लगाने दिया। बच्चों से पूछताछ करने पर भी वह डरी सहमी नजर आई। टीम रात को ही पुलिस सुरक्षा में उन्हें यहां चाइल्ड सेन्टर लेकर पहुंच। बाल समिति के मौखिक आदेश पर रात को टीम सदस्य भूपेन्द्रसिंह झाला ने उन्हें अल्पावास में रखते हुए खाना दिया।
बच्चों से जाना राज
बाल कल्याण समिति सदस्य सुशील दशोरा, बी.के.गुप्ता,सेवा मन्दिर शहरी प्रखण्ड के सचिव ऐन्जला मय टीम सुबह महिला से मिले तो वह कुछ नहीं बोली। बच्ची आरती व पुत्र राज से काउंसङ्क्षलग करने पर महिला का नाम शीला होने का पता चला। महिला व बच्चे लुधियाना के समराला चौक के बताए जा रहे हैं। महिला व बच्चे अपने परिवार एवं गांव के बारे में कोई जानकारी दे पाई हैं। बाल कल्याण समिति की ओर से चाइल्ड लाइन को महिला के सम्बन्ध में जानकारी लेकर उसे घर पहुंचाने के आदेश दिए। टीम ने लुधियाना चाइल्ड लाइन में सम्पर्क किया है।
Published on:
27 Aug 2017 03:20 pm
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