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आओ बढ़ाएं प्रताप का मान: जावर माला में प्रताप के महल पर पहुंच प्रतिमा पर किया दीपदान और नमन, खण्डहर हो रही धरोहर को बचाने का लिया संकल्प

उदयपुर. अभियान आओ और बढ़ाएं महाराणा प्रताप का मान से प्रेरित होकर मेवाड़ के कई संगठन व संस्थाएं अपनी भागीदारी निभा रहे हैं।

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आओ बढ़ाएं प्रताप का मान: जावर माला में प्रताप के महल पर पहुंच प्रतिमा पर किया दीपदान और नमन, खण्डहर हो रही धरोहर को बचाने का लिया संकल्प

उदयपुर- राजस्थान पत्रिका के प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित अभियान आओ और बढ़ाएं महाराणा प्रताप का मान से प्रेरित होकर मेवाड़ के कई संगठन व संस्थाएं अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। इस कड़ी में श्रीराम सेना के कार्यकर्ता शहर से करीब 37 किलोमीटर दूर जावर माइंस स्थित जावरमाला की पहाड़ी पर प्रताप के आश्रय स्थल पहुंचे व प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीपदान कर नमन किया। श्रीराम सेना के सेना प्रमुख गजेंद्रसिंह राठौड़ व संभागीय अध्यक्ष विजय आमेटा ने बताया कि पहाड़ी पर बने महल पर ताला लगा हुआ था। इस दौरान सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता ने श्रमदान कर साफ-सफाई की और खण्डहर हो रही धरोहर के संरक्षण का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में युवा जिला अध्यक्ष राजन मेघवाल, भरत व्यास, विनय सरपटा, पवन गिरी गोस्वामी, महेंद्र सिंह देवड़ा, देवी लाल मीणा आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।


इधर, महाराणा प्रताप सेना उदयपुर के कार्यकर्ता चावण्ड स्थित प्रताप की समाधि स्थल पहुंचे व श्रमदान कर समाधि स्थल पर दुग्धाभिषेक किया व आरती की। सेना प्रमुख मोहनसिंह राठौड़ ने बताया कि समाधि स्थल पर दुग्धाभिषेक करने के बाद प्रताप के स्टेच्यू पर पहुंच कर कार्यकर्ताओं ने प्रताप नारे लगाए व जर्जर हो रही विरासत के संरक्षण की शपथ ली। इस दौरान कानसिंह राणावत, करणसिंह शक्तावत, बंसी मेघवाल, रमेश चौधरी, प्रेम पटेल, चंद्रवीर सिंह, चावंड संयोजक जगदीश पटेल, प्रचार प्रमुख रमेश मीणा आदि उपस्थित थे।

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भारतीय संस्कृति के उदार मूल्यों को दी तवज्जो
बार एसोसिएशन और महाराज शत्रुदमनसिंह शिवरती विद्यापीठ संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में प्रताप जयन्ती के उपलक्ष्य में काल दर्शन एवं प्रताप विषयक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। विशिष्ट अतिथि दीक्षा भार्गव ने प्रताप के शाश्वत मूल्यों पर जीवन जीने के बारे में बताया। निदेशक डॉ अजातशत्रु सिंह ने कहा कि प्रताप जयंती को सार्थकता बनाने पर विचार मंथन जरूरी है। मुख्य वक्ता डॉ चंद्रशेखर ने कहा कि प्रताप ने मध्यकाल के संकीर्ण वातावरण में भी भारतीय संस्कति के उदार मूल्यों को जीवित रखते हुए संघर्ष किया। संगोष्ठी में राजस्थान बार काउंसिल के राव रतनसिंह, उद्यमी प्यारेलाल समेत कई लोग मौजूद थे।


गोष्ठी में गूंजा अनुसंधान
जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी) के संघटक साहित्य संस्थान के सभागार में आयोजित गोष्ठी में लोक में प्रताप विषय पर अनुसंधान की आवश्यकता जताई गई। अध्यक्षता पुराविद् डॉ. ललित पाण्डेय ने की। बतौर अतिथि डॉ. शक्ति कुमार शर्मा, संस्थान निदेशक प्रों. जीवनसिंह खरकवाल, डॉ. कुल शेखर व्यास, डॉ. केपीसिंह देवड़ा, डॉ. वंदना चौधरी सहित अन्य विद्यार्थियों ने गोष्ठी में हिस्सा लिया।


आयोजनों की रही धूम
प्रताप जयंती सप्ताह के छठे दिन मेवाड़ क्षत्रिय महासभा एवं नगर निगम के साझे में श्रीराम बजरंग सेना मेवाड़ के कार्यकर्ताओं ने कृषि महाविद्यालय में स्थापित प्रताप प्रतिमा में पुष्पांजलि सभा का आयोजन हुआ। संस्थापक ख्यालीलाल रजक, क्षत्रिय महासभा के प्रेमसिंह शक्तावत के नेतृत्व में पदाधिकारी मौजूद हुए। चावण्ड स्थित प्रताप की निर्माण स्थली महाराणा प्रताप सेना के मोहन सिंह राठौड़, कानसिंह राणावत ने दीप प्रज्जवलन कर पुष्पांजलि अर्पित की। इधर, बजरंग सेना मेवाड़ की ओर से चेतक सर्किल परअश्व पूजन, स्कोन भक्तो की ओर से महाराणा प्रताप गीत मायड थारो पूत कठे की प्रस्तुति एवं अखाड़ा प्रदर्शन हुआ।

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