
उदयपुर . जिला प्रशासन ने 13 दिसम्बर को उदयपुर जिले में बंद की इन्टरनेट सेवाएं आखिर शनिवार शाम सात बजे शुरू कर दी गई। सेवाएं 71 घंटे बाद उदयपुर में शुरू की गई। प्रशासन ने इसके साथ ही धारा 144 में हटा दी है।
शाम को जिला कलक्टर बिष्णुचरण मल्लिक एवं एसपी राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने प्रेस वार्ता कर धारा 144 को हटाने की बात कही। कलक्टर ने कहा कि शहर में किसी भी प्रकार की रैली व प्रदर्शन करने पर रोक है लेकिन धारा 144 हटा ली गई है। कलक्टर व एसपी ने शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। इससे पूर्व सात बजे इन्टरनेट सेवाएं शुरू कर दी गई। जिले में शनिवार को शांति व्यवस्था बनी रही। इन्टरनेट शुरू होती ही मोबाइल पर धड़ाधड़ सोशल मीडिया पर तीन दिन के एक साथ मैसेज आए और लोगों ने मैसेज देखे और साथ के साथ इन्टरनेट शुरू करने पर राहत लेने के संदेश भी भेजे। साथ के साथ लोगों ने सोशल मीडिया पर गुस्सा भी निकाला कि इस तरह इन्टरनेट सेवाएं बंद करने का क्या मतलब है।
गौरतलब है कि उदयपुर शहर में नेटबंदी के दो दिन से पूरा व्यापार जगत और डिजीटल से जुड़े रोजगार के केन्द्र ठप्प पड़े थे। सब परेशान रहे। जिले भर में करीब 1500 ई-मित्र बंद रहे जिस पर आने वाले सारे काम रुके पड़े थे। बिजली, पानी, टेलीफोन के बिल जमा नहीं हो रहे है, ई-मित्र पर भामाशाह व आधार के काम रुके पड़े रहे। सबसे बड़ी तकलीफ उनको हुई जिनको नौकरी में ज्वाईन व पासपोर्ट बनाने के लिए ऑनलाइन पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करानी थी, आखिर वे दूसरे जिले में जाकर अपना काम करवा कर आए । नेटबंदी से सरकारी दफ्तरों में काम रुका हुआ था, जीएसटी के दायरे में आए व्यापारी परेशान रहे। पेटोल पंप पर पेट्रोल-डीजल भराने वालों को कार्ड की बजाय नकदी देनी पड़ी, डिजीटल के दौर में जो भी नए विकल्प सामने आए सब बंद पड़े थे।
Published on:
16 Dec 2017 08:14 pm
