
उदयपुर . ऑल इंडिया कौंसिल फोर टेक्नीकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने छात्राओं के तकनीकी शिक्षा में गिरते नामांकन के चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच वर्षों में इस आंकड़े में दो लाख से ज्यादा की कमी आई है।
सत्र 2012-13 में 7 लाख 25 हजार 793 छात्राओं का एनरोलमेंट हुआ था, तो सत्र 2016-17 में गिरकर 5 लाख 24 हजार 607 ही रह गया। एआईसीटीई ने 2017-18 में छात्र-छात्राओं के अलग-अलग आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में घटे रोजगार के अवसरों, इनके कॉलेजों की फीस में लगातार बढ़ोतरी, फील्ड जॉब के प्रति अरुचि
सहित कई कारण है जिससे
छात्राएं इस क्षेत्र में जाने से कतराने लगी हैं। इंजीनियरिंग से विद्यार्थियों के मोह भंग होने का प्रमुख कारण कॉलेज से प्लेसमेंट नहीं होना है। एआईसीटीई रिपोर्ट के अनुसार औसत 40 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही कॉलेज प्लेसमेंट मिलता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इंजीनियरिंग में कम होते प्रवेश के चलते एआईसीटीई सत्र 2018-19 से 80 हजार सीटें कम कर देगा। साथ ही 200 इंजीनियरिंग कॉलेज भी बंद कर देगा।
आंकड़ों की जुबानी
वर्ष प्रवेशित छात्राएं छात्र पास रोजगार
2012-13 34,63,029 7,25,793 14,29,537 13,75,952 5,58,831
2013-14 37,23,711 5,70,325 16,14,855 14,96,897 6,08,688
2014-15 39,61,662 5,54,046 15,83,859 15,77,417 6,68,965
2015-16 38,35,795 5,51,644 15,24,431 16,22,697 6,97,233
2016-17 37,10,674 5,24,607 14,08,080 ... 6,40,573
2017-18 35,52,713 आंकड़े सार्वजनिक नहीं।
READ MORE: मुनि सुपतसागर का समाधिमरण
उदयपुर. हिरण मगरी सेक्टर-4 में विराजित आचार्य सुनीलसागर ससंघ में डेढ़ माह पूर्व दीक्षित क्षुल्लक सुपतसागर का मंगलवार दोपहर 2.15 बजे समाधिमरण हो गया। उनका अंतिम संस्कार सेक्टर-3 में किया गया। सेक्टर-4 अध्यक्ष झमकलाल अखावत ने बताया कि मुनि की डोल यात्रा शाम 4 बजे नागेन्द्रा भवन से सेक्टर-3 स्थित मोक्षधाम के लिए रवाना हुई। शाम पांच बजे मुनि की देह को अग्नि को समर्पित किया गया। अखावत ने बताया कि संयोग की ही बात है कि मंगलवार आहार के पश्चात क्षुल्लक सुपतसागर ने आचार्य सुनीलसागर से मुनि दीक्षा एवं समाधि मरण की इच्छा लिए निवेदन किया था।
Published on:
11 Apr 2018 02:56 pm
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