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अब चाहे निजी हो या सरकारी.. हर विवि के लिए जरूरी हुआ वार्षिक सम्मेलन, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जारी किए आदेश

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हाल ही एक आदेश जारी कर प्रत्येक विवि के लिए इसकी पूर्व सूचना मांगी है कि कौन सा विवि कब और कहां पर इसका आयोजन करेगा।

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अब चाहे निजी हो या सरकारी हर विवि के लिए जरूरी हुआ वार्षिक सम्मेलन, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जारी किए आदेश

भुवनेश पंड्याा/ उदयपुर. अब चाहे निजी हो या सरकारी। हर विश्वविद्यालय के लिए वार्षिक सम्मेलन/दीक्षांत समारोह का आयोजन सरकार ने अनिवार्य कर दिया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हाल ही एक आदेश जारी कर प्रत्येक विवि के लिए इसकी पूर्व सूचना मांगी है कि कौन सा विवि कब और कहां पर इसका आयोजन करेगा। उल्लेखनीय है कि देश के कई बड़े विश्वविद्यालय विशेष रूप से निजी विवि वार्षिक सम्मेलन करने में रुचि नहीं लेते हैं, जबकि ये सम्मेलन विद्यार्थियों की वार्षिक गतिविधियों और उपलब्धियों का दर्पण होता है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि हर वर्ष ऐसे आयोजन में विद्यार्थियों को डिग्री व पुरस्कार दिए जाए। विद्यार्थियों के लिए यह गर्व का क्षण होता है। कई विवि आर्थिक हालात और समय की कमी की बात रखकर ऐसे आयोजन नहीं करते हैं, लेकिन अब इसे अनिवार्य रूप से करना होगा। मंत्रालय ने सभी विवि से अंतिम बार आयोजित किए गए सम्मेलन/ दीक्षांत समारोह की जानकारी व रिकॉर्ड मांगा है।

नामचीन विवि के हाल
- पश्चिम बंगाल के विश्वभारती विवि ने पांच साल के बाद इस बार मई में दीक्षान्त समारोह का आयोजन किया।
- सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ त्रिपुरा में पांच वर्ष के बाद इस वर्ष यह आयोजन हुआ।
-जेएनयू ने 46 वर्ष के बाद अपना पहला दीक्षान्त समारोह तथा इस वर्ष दूसरा आयोजन किया।

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उदयपुर में विश्वविद्यालय
मोहनलाल सुखाडिय़ा विवि
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि
पेसिफिक विवि
भूपाल नोबल्स विवि
जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विवि
गीताजंलि मेडिकल विवि
पद्मपद सिंघानिया विवि
साई तिरूपति बालाजी मेडिकल विवि

सुखाडिय़ा विवि में तो प्रति वर्ष नियमित रूप से आयोजन किया जाता है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसे इसलिए अनिवार्य किया है क्योंकि कई बड़े विवि भी इसे नियमित नहीं करते, विद्यार्थियों के लिए यह जरूरी है।
जेपी शर्मा, कुलपति, मोहनलाल सुखाडिय़ा विवि उदयपुर

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