
नेता विपक्ष टीकाराम जूली (पत्रिका नेटवर्क)
Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शुक्रवार को उदयपुर पहुंचे। कांग्रेस ने आदिवासी बाहुल्य जिलों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए तीन दिवसीय कार्यक्रमों की योजना बनाई है। वागड़ क्षेत्र में 'संविधान बचाओ रैली' और कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
दरअसल, इस क्षेत्र में कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ भारत आदिवासी पार्टी (BAP) से भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए टीकाराम जूली ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूरे राजस्थान में बूथ, मंडल और ब्लॉक स्तर पर संगठन को मजबूत करने का अभियान चला रही है। मेवाड़ क्षेत्र में भी कांग्रेस की स्थिति को और सशक्त करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें गोविंद सिंह डोटासरा के साथ-साथ प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी शामिल होंगे।
जूली ने कहा कि कांग्रेस की नीतियां हमेशा से गरीब, आदिवासी और दलित वर्ग के उत्थान पर केंद्रित रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान की मूल भावना भी यही है कि समाज का पिछड़ा वर्ग आगे आए।
उदयपुर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी की नीति संविधान को कमजोर करने की रही है। यह सरकार पंचायत और नगर निकाय चुनाव तक नहीं करा रही, सिर्फ झूठे वादे कर रही है। जूली ने बारिश के मौसम में प्रशासन की लापरवाही पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है, लेकिन सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन, लोग बाढ़ में बह रहे हैं और गरीब इलाकों में पानी भर रहा है। शहरों में नालों की सफाई नहीं होने से हालात और खराब हो गए हैं। जूली ने सरकार पर सदन में सवालों से भागने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि घर-घर नल की बात थी, लेकिन अब सीधे घरों में जल पहुंच रहा है। सरकार को सवालों से डर लगता है। हमारे प्रदेश अध्यक्ष कहते हैं कि यह सरकार नहीं, सर्कस चल रहा है। मंत्री और अधिकारी सिर्फ सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने और लूट में व्यस्त हैं। गरीब लोग दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद से एजेंसियों का दुरुपयोग आम बात हो गई है। डेढ़ साल में स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति बदहाल हो चुकी है। डबल इंजन सरकार के तमाम वादे हवा-हवाई साबित हुए हैं।
डोटासरा ने नगर निकाय चुनावों में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये चुनाव पिछले साल नवंबर में ही हो जाने चाहिए थे। उन्होंने 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' की नीति पर भी तंज कसा और कहा कि इस नीति का कोई ढांचा ही तैयार नहीं हुआ है।
कांग्रेस ने मेवाड़ और वागड़ जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए रणनीति बनाई है। 'संविधान बचाओ रैली' के जरिए पार्टी संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। कार्यकर्ता सम्मेलनों के माध्यम से स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है।
कांग्रेस का मानना है कि बीजेपी की नीतियों के खिलाफ जनता में आक्रोश बढ़ रहा है, जिसका फायदा पार्टी को मिल सकता है। वागड़ क्षेत्र में भारत आदिवासी पार्टी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी रणनीति को और आक्रामक बनाया है। पार्टी का फोकस स्थानीय मुद्दों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी सुविधाओं की कमी, को उठाकर जनता के बीच अपनी पैठ बढ़ाने पर है।
Updated on:
04 Jul 2025 01:29 pm
Published on:
04 Jul 2025 12:18 pm
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