
उदयपुर। सलूंबर थाना क्षेत्र के जावद गांव में सवर्ण जाति के कुछ लोगों ने दलित समाज की दो बेटियों की बिंदोली को रोका और उन्हें घोडि़यों से नीचे गिराकर मारपीट कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालत को काबू करते हुए पूरे गांव में जाप्ता तैनात किया और दोनों का विवाह संपन्न कराया। इस संबंध में पुलिस ने पीडि़त के भाई मांगीलाल मेघवाल की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया।
जावद निवासी मांगीलाल मेघवाल ने रिपोर्ट में बताया कि 16 अप्रेल को उसके भाई कालूलाल की दो पुत्रियों का विवाह था। एक की बारात गींगला व दूसरी की बंबोरा से आने वाली थी। विवाह के एक दिन पूर्व सोमवार रात करीब 10 बजे गांव में बिंदोली निकाली गई। बिंदोली गांव में घूमते हुए रात करीब 12 बजे जैन मंदिर डेरा चौक पहुंची। इसी दौरान दवाणा निवासी ईश्वरसिंह पुत्र भगवत सिंह राजपूत, देवडूंगरी निवासी महेन्द्र सिंह पुत्र लक्ष्मणसिंह राजपूत, जावद निवासी नाथू सिंह पुत्र तख्तसिंह राजपूत, देवडूंगरी निवासी वगतसिंह राजपूत व अन्य लोग गाड़ी में सवार होकर आए।
दुल्हनों को घोड़ी से गिराने का आरोप
आरोपियों ने बिंदोली रोकते हुए बैंड बाजा बंद करवा दिया। परिजनों व बिंदोली में शामिल लोगों से जातिगत गाली-गलौच करते हुए कहा कि हमारे सामने घोड़ी पर बैठकर बिंदोली कैसे निकाल रहे हो। वे धक्का-मुक्की करने लगे और दोनों पुत्रियों को घोड़ी से नीचे गिरा दिया।
लोगों पर गाड़ी चढ़ाने का भी प्रयास
आरोपियों ने मारपीट करते हुए तेज गति से गाड़ी दौड़ाते हुए उन पर चढ़ाने का प्रयास किया। परिवादी का कहना है कि उन्होंने इधर-उधर दौड़कर जान बचाई। आरोपियों ने गाड़ी को कुछ आगे ले जाने के बाद फिर से गाली-गलौच करते हुए कहा कि तुम ठाकुरजी मंदिर तो नहीं गए। अगर गए हो तो मंदिर अपवित्र हो गया इसे गंगाजल से धोना पड़ेगा। मौके पर मौजूद मांगीलाल, शंकरलाल, पूंजालाल, प्रकाश व अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर छुड़वाया।
पुलिस को मंगलवार को सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे और परिजनों के बयान लेने चाहे तो दुल्हन के पिता ने बयान देने से मना कर दिया। मेडिकल करवाने से भी इनकार किया। तीसरे दिन बुधवार को मांगीलाल के रिपोर्ट देने पर मामला दर्ज किया।
रामेश्वरलाल, थानाधिकारी सलूंबर
फोटो— प्रतीकात्मक तस्वीर
Updated on:
18 Apr 2019 09:59 am
Published on:
18 Apr 2019 09:52 am
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