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पत्रिका इम्पेक्ट : बागोर की हवेली में विरासत खराब करने वालों की नींद टूटी

निर्माण रोका और जो निर्माण किया उसे तोड़ा

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बागोर की हवेली में हटाते निर्माण।

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उदयपुर. ऐतिहासिक विरासत बागोर की हवेली में सीमेंट के पिलर खड़े कर जो निर्माण किया जा रहा था उसको लेकर आखिर पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के अफसरों की नींद टूटी। वहां से इस तरह का निर्माण रुकवाते हुए जो सीमेंट के पिलर खड़े किए उनको भी हटा दिया है। शुक्रवार को वहां एक-एक कर सभी पिलर वहां से हटाए और किनारे रखे। अफसरों ने वहा पार्किंग स्थल के लिए टिनशेड बनाने के नाम पर सीमेंट के पिलर खड़े कर दिए, पत्रिका ने जब पूछा तो उन्होंने वहां पहले भी टिनशेड होने की बात कही जबकि क्षेत्रवासियों और उस स्थान को करीब से जानने वालों ने उसे झूठ करार दिया था। पत्रिका ने 29 अक्टूबर 2020 को ‘बागोर की हवेली में विरासत से छेड़छाड़, बदला जा रहा मूल स्वरूप’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसके बाद शहरवासियों ने भी इसका विरोध किया और हैरिटेज संपदा को बचाने के लिए पत्रिका के साथ आए।

जनता बोली - आभार पत्रिका...

पत्रिका ने बड़ा काम किया

ऐतिहासिक धरोहर है और उसे तो और संरक्षित करने की जरूरत है। पत्रिका ने इस मुद्दे को उठाकर विरासत को बचाने के लिए एक कदम आगे बढ़ाया है। और भी इस प्रकार कहीं विरासत व प्रकृति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है तो उसे बचाना ही होगा, ऐसे कार्य रोकने चाहिए। पत्रिका ने बड़ा काम किया है।
- राहुल भटनागर, सेवानिवृत आईएफएस अफसर

जिम्मेदारों ने ऐसा कैसे किया?

पत्रिका ने बहुत बड़ा काम किया है। कला एवं संस्कृति के इस ऐतिहासिक स्थान का स्वरूप को खराब करने का काम शुरू कैसे किया गया? वहां जो भी जिम्मेदार है उनसे इसकी भरपाई भी की जानी चाहिए और कार्रवाई भी। पत्रिका ने झीलों और प्रकृति को बचाने के साथ विरासत को बचाया है।
- मनीष शर्मा, अध्यक्ष उदयपुर बार एसोसिएशन

हवेली का फ्रंट स्वरूप खराब हो जाता

वहां जो कुछ कर रहे थे गलत कर रहे थे। सबसे बड़ी बात यह है कि वहां पहले टिन शेड नहीं था, ओपन चौक ही था। ये पीलर खड़े होकर वहां टिन शेड लगा देते तो इस हवेली का जो फ्रंट हैरिटेज स्वरूप है वह खराब हो जाता। वहां इस तरह का निर्माण करने का यह निर्णय कैसे कर लिया समझ से परे है। पत्रिका का आभार की धरोहर को बचाने के लिए समय रहते इस मुद्दे को उठाया।
- सतीश कुमार श्रीमाली, सेवानिवृत अति. मुख्य नगर नियोजक

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