
अब तब खूबसूरत और स्वच्छ गांवों को आदर्श गांव का खिताब दिया जाता है, लेकिन अब जो गांव खूबसूरती, स्वच्छता, विरासत संरक्षण, पर्यटन और अन्य पैमानों पर खरा उतरेगा, वो बेस्ट टूरिज्म विलेज का खिताब पा सकता है। दरअसल, देश में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने को पर्यटन मंत्रालय टूरिज्म विलेज का चयन करेगा। इसके लिए बेस्ट टूरिज्म विलेज प्रतियोगिता के लिए आवेदन मांगे गए है। गौरतलब है कि इस तरह की प्रतियोगिता यूनाइटेड नेशन वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन की ओर से होती आई है। इसके तहत वर्ष 2022 में देश के तीन गांवों को बेस्ट टूरिज्म विलेज के लिए चुना गया था। इसमें मध्य प्रदेश का लाधपुरा खास गांव, तेलंगाना में पोचमपल्ली और मेघालय का कोंगथोंग गांव शामिल थे। इसमें मध्यप्रदेश के लाधपुरा खास गांव ने बाजी मारी थी। अब केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने ये पहल की है।
जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर होगी प्रतियोगिता
पर्यटन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार यह एक अनूठी पहल है, जिसमें राजस्थान समेत उदयपुर संभाग व देशभर के गांव प्रतियोगिता का हिस्सा बन सकेंगे। बेस्ट टूरिज्म विलेज प्रतियोगिता जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की होगी। प्रत्येक स्तर पर तीन गांवों का चयन किया जाएगा। हर स्तर पर चयनित तीन गांवों को अगले स्तर के चयन में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। अंत में राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट टूरिज्म विलेज का चयन होगा। यह प्रतियोगिता राज्य के गांवों में प्रतिस्पर्धा की भावना को जाग्रत करेगी। इससे ग्रामीण विकास, आपसी सहयोग की भावना और प्राकृतिक व सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण और प्रोत्साहन मिलेगा।
यहां कर सकेंगे आवेदन
प्रतियोगिता में शामिल होने को पर्यटन मंत्रालय ने आवेदन पोर्टल जारी किया है। यहां विभिन्न गांव आवेदन कर सकते हैं। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए जिला स्तर पर 15 अप्रेल तक www.rural.tourism.gov.in पर आवेदन किए जा सकते हैं। गांव की तरफ से भी कोई भी गांव में रहने वाला व्यक्ति आवेदन कर सकता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन ही किए जा सकेंगे।
ये मिलेगा फायदा -
- देश के अनछुए पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में यह एक अच्छी पहल साबित होगी।- इससे कई बेहतरीन ग्रामीण पर्यटन स्थल मुख्य धारा में आ सकेंगे।
- केंद्र सरकार व पर्यटन मंत्रालय इन्हें चिन्हित करने के साथ ही इनका विकास कर देशव्यापी पर्यटन क्षेत्र में मॉडल गांव बनाकर उभारेगा।- राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
इन आधार पर होगा मूल्यांकन -
- सांस्कृतिक और प्राकृतिक संसाधन
- सांस्कृतिक संसाधनों का संवर्धन और संरक्षण
- आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरणीय स्थिरता
- पर्यटन विकास और मूल्य शृंखला एकीकरण
- शासन और पर्यटन की प्राथमिकता
- इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
- स्वास्थ्य, सुरक्षा और बचाव
इनका कहना है...
उन बेस्ट विलेज को सम्मानित किया जाएगा जो रूरल टूरिज्म के क्षेत्र में बेस्ट उदाहरण होंगे । इस स्ट्रेटजी से रूरल टूरिज्म का रोडमैप तैयार होगा । पर्यटन के जरिए विलेज का होलिस्टिक (सम्पूर्ण) और सस्टेनेबल (सतत) विकास होगा । वहां के प्राकृतिक, सांस्कृतिक विरासत को सरंक्षण और विश्व पटल पर पहचान मिलेगी। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों के आस पास नए सैटेलाइट टूरिस्ट साइट्स बनेंगी और टूरिस्ट इनफ्लो भी बढ़ेगा ।
शिखा सक्सेना, उपनिदेशक, पर्यटन विभाग
Published on:
04 Apr 2023 10:00 am
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