
उदयपुर . गृहमंत्री ने एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध हुए आंदोलन पर बोलते हुए कि यह फैसला कोर्ट का था, इससे न्यायालय से ही राहत मिल सकती है। कुछ शरारती लोगोंं ने आंदोलन को हिंसा की ओर ले जाने का प्रयास किया। प्रदेश में पुलिस की सतर्कता से बड़ी वारदात टल गई। पूरे देश में हुए आंदोलन में कुछ जगह एक से नारे लगे तो कई जगह लोगों के कपड़े भी एक से थे। इन सब का विश्लेषण किया जा रहा कि कहीं कोई षड्यंत्र तो नहीं था। कटारिया ने कहा कि राजनीतिक दलों को इस मामले में गलत बयानों से बचना चाहिए। सोश्यल मीडिया पर 10 अप्रेेेल को आंदोलन की खबरों को उन्होंने अफवाह बताते हुए कहा कि अभी तक कोई जानकारी गृह विभाग के पास नहीं है। यदि कोई आंदोलन होता है तो विभाग उसके अनुसार पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने आमजन को अफवाहों से बचने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन इस बात का ध्यान रखा जाए कि इससे दूसरों के अधिकारों का हनन न हो।
भ्रामक प्रचार
सलूम्बर. दस अप्रेल को भारत बन्द का संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। भ्रामक प्रचार के चलते रविवार को उपखंड कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ व्यापार मंडल की बैठक हुई।
अधिकारियों ने बन्द को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा को भ्रामक बताया, वहीं व्यापार मंडल से बन्द की जानकारी मांगी। जिस पर व्यापार मंडल के सदस्यों का कहना है कि अभी किसी संगठन या व्यक्ति विशेष की ओर से बन्द को लेकर कोई बात सामने नहीं आई है। बैठक में उपखड अधिकारी धर्मराज गुर्जर, पुलिस उपअधीक्षक ताराराम बैरवा, थानाधिकारी शैलेन्द्रसिंह, व्यापार मंडल संरक्षक गणेशलाल मालवी, पूर्व अध्यक्ष भंवरलाल कंठालिया, गजेंद्र शाह, राजेन्द्र दोषी, जयप्रकाश दोषी मौजूद थे।
Published on:
09 Apr 2018 02:48 pm
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