
उदयपुर . जेईई मुख्य परीक्षा रविवार को विभिन्न स्कूलों में स्थापित 16 केन्द्रों पर हुई। परीक्षार्थियों ने बताया कि पेपर में समय काफी लगा। एमके जैन क्लासेज के एमडी एमके जैन ने बताया कि परीक्षा में कट ऑफ इसलिए कम जाने के आसार है, क्योंकि अधिकतर विद्यार्थियों ने औसतन 40 से 50 प्रश्न हल किए हैं। नेगेटिव मार्र्किंग होने के कारण हर विद्यार्थी ने पूरी सतर्कता के साथ पेपर हल किया।
एनसीईआरटी बेस पेपर
पेपर की खास बात ये रही कि यह एनसीईआरटी बेस आया। इसमें विद्यार्थियों को काफी लाभ हुआ। केमेस्ट्री के सवाल आसान थे, फिजिक्स मीडियम और सबसे कठिन हिस्सा गणित का था।
जात-पात का बंधन तोड़ा विद्याभवन ने
एफएमएफ नवाचार : रजिस्टर में सिर्फ नाम, उपनाम नहीं
उदयपुर . आमतौर पर सरकारी विभागों से लेकर स्कूल, कॉलेज, विभिन्न गणना या किसी रिपोर्ट में किसी बच्चे या व्यक्ति की जाति को खूब महत्व दिया जाता है मगर शहर के विद्या भवन पॉलिटेक्निक कॉलेज ने यह मिथक तोड़ते हुए नवाचार किया है। इसके तहत रजिस्टर में विद्यार्थी से लेकर कार्मिक तक का पहला नाम ही अंकित किया है, ताकि जात-पात का भेद मिट सके। महाविद्यालय में फस्र्ट नेम फस्र्ट कन्सेप्ट (एफएनएफ) की शुरुआत की गई है। प्रधानाचार्य से लेकर विद्यार्थी तक की पहचान उसके पहले नाम से की जाती है। एफएमएफ के अन्तर्गत रिकार्ड में उपनाम यानी सरनेम हटा दिया गया है जिससे जाति और धर्म के आधार पर किसी व्यक्ति के बारे में कोई धारणा नहीं बन पाए।
प्रधानाचार्य डॉ अनिल का कहना है कि जातिवाद हमारी व्यवस्था में रचा-बसा है, हम सभी कहीं ना कहीं जातिवाद में फंसे हैं। कभी-कभी जान-बूझकर या अनजाने में ही सही, लोगों के बारे में उनकी जाति या धर्म के आधार पर धारणा बन जाती है। शिक्षण संस्थान हमेशा धर्म निरपेक्ष जगह होनी चाहिए। इसी विचार के साथ यह शुरुआत की गई है।
Published on:
09 Apr 2018 02:44 pm
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