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सड़क हादसे में जिनेंद्र का हुआ ब्रेन डेड, अंगदान से 4 को मिला जीवनदान

44 वर्षीय जिनेंद्र जैन के नागपुर में सड़क हादसे में ब्रेन डेड होने के बाद परिवारजनों की सहमति से अंगदान किया गया।

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जिनेंद्र जैन

उदयपुर. सलूम्बर जिले के नयागांव (कराकला) के 44 वर्षीय जिनेंद्र जैन के नागपुर में सड़क हादसे में ब्रेन डेड होने के बाद परिवारजनों की सहमति से अंगदान किया गया। इससे 4 अन्य को जीवनदान मिला। बात कर रहे है, सलूम्बर के ग्राम पंचायत कराकला गांव निवासी व हाल मुकाम नागपुर के जिनेन्द्र जैन की। उसकी शंकर नगर में पान की दुकान है। शनिवार रात्रि को 11 बजे वह दुकान बन्द कर अपने घर लौट रहा था। तभी एक तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। जिससे सिर में गम्भीर चोटें आई। इसके बाद निजी अस्पताल में दो दिनों तक उपचार चलने के बाद चिकित्सकों ने ब्रेन डेड होने की घोषणा कर दी। अस्पताल के डॉ. कमाल भुतडा और उनकी चिकित्सकों की टीम ने परिजनों को अंगदान करने की बात रखी। जिसमें जिनेन्द्र के पिता रमेश जैन (65), पत्नी भावना देवी (39), भाई योगेश (32) ने सहमति दी। विभागीय अंगदान प्रत्यारोपण समिति के डॉ. संजय कोलते व डॉ. राहुल सक्सेना के मार्गदर्शन में प्रत्यारोपण समन्वयक दिनेश मंडपे आदि ने कार्रवाई पूरी की। अंगदान से प्राप्त लीवर को 53 वर्ष के मरीज को, एक किडनी 46 वर्ष के मरीज को, दूसरी किडनी 38 वर्ष के मरीज पर प्रत्यारोपित की गई।

हार्ट ट्रांसप्लांट से बची एक और जान

सोमवार को मुंबई के सर एच. एन.रिलायंस फाउण्डेशन अस्पताल में 53 वर्ष के मरीज को जिनेन्द्र का हृदय पहुंचाया जाना था। लेकिन मुम्बई में मौसम खराब होने से समय पर विशेष विमान नागपुर नहीं पहुंच नहीं पाया। इस वजह से सोमवार की रात को अंगदान की प्रक्रिया पूरी की गई। रामदास पेठ के एक निजी अस्पताल से डाॅ. बाबासाहब अम्बेडकर अन्तरराष्ट्रीय विमानतल तक ग्रीन कॉरिडर तैयार कर एम्बुलेंस के माध्यम से हृदय ले जाया गया। बाद में मंगलवार को सफलतम हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ। बता दें, वर्तमान में हृदय दानदाताओं की संख्या कम है।


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