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उदयपुर में खाकी का रौब, डॉक्टर की कार में भरा मृत गोवंश, खून से लथपथ सीट देखकर सकते में आया स्‍टाफ

बडग़ांव स्थित पशु चिकित्सालय के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी का आरोप, पोस्टमार्टम के बाद पुलिस उपअधीक्षक चिकित्सक को लेने पहुंची चिकित्सालय

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डॉ सुशीलसिंह चौहान/उदयपुर. मृत गोवंश का पोस्टमार्टम करना सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारी के लिए उस समय भारी पड़ गया जब वर्दी का रौब दिखाते हुए महिला पुलिस उप अधीक्षक ने शव चिकित्सक की कार में ही भरवा दिया। बुधवार देर शाम चिकित्सक उसकी कार में भरे पशु शव को लेकर संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग के कार्यालय परिसर पहुंचा। कार में भरे हुए खाल रहित शव और खून से लथपथ सीट देखकर अन्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं स्टाफ सकते में आ गया। रात को सफाईकर्मियों के सहयोग से शव को दफन करने की प्रक्रिया हुई। इधर, चिकित्सक के साथ हुए दुव्र्यवहार को लेकर पशु चिकित्सक संघ के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई।

यह है मामला
राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड की ओर से संचालित भामाशाह पशु बीमा योजना की खातेदार लोयरा निवासी तुलसी सुथार पत्नी ओमप्रकाश सुधार ने मृत गोवंश के पोस्टमार्टम को लेकर बडग़ांव स्थित प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय के प्रभारी अधिकारी डॉ. दत्तात्रेय चौधरी को सूचित किया। इस बीच पशुपालक की ओर से पशु को चिकित्सालय लाने में असमर्थता जताई गई। इस पर हमेशा की तरह पशु चिकित्सा अधिकारी मौके पर पहुंचे और खुले भूखण्ड पर 1800026279327 टेग नंबर वाली गाय का पोस्टमार्टम किया। कार्रवाई पूरी कर वह चिकित्सालय लौट आए। चिकित्सक डॉ. चौधरी का आरोप है कि तभी पीछे से एक निजी कार में पुलिस उपअधीक्षक दिव्या मित्तल, पुलिसकर्मी चालक के साथ वहां पहुंची। कार साथ में लेकर चलने की बात कहकर वह डॉ. चौधरी को मौके पर ले गए। वहां जाकर उपअधीक्षक मित्तल ने जमीन में दफनाए जा रहे गोवंश के शव को उनकी निजी कार में भरवा दिया। यह कहते हुए कि पशु चिकित्सक की जिम्मेदारी है कि वह शव का डिस्पॉजल भी करे।

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मुझसे की जबरदस्ती
हम रुटीन में पोस्टमार्टम करने जाते हैं। संबंधित भूखण्ड गलती से पुलिस उपअधीक्षक दिव्या मित्तल के घर के समीप था, जिसकी मुझे जानकारी नहीं थी। पशुपालक के कहने पर मैंने कार्रवाई की और उसे दफनाने के लिए पाबंद किया था। मुझे धमकाकर मेरी कार में पशु का शव भरवाया गया।
डॉ. दत्तात्रेय चौधरी, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, बडग़ांव
यह आरोप गलत
रिहायशी मकानों के समीप खाली भूखण्ड पर पोस्टमार्टम के बाद पशु छोड़ जाना सही तरीका नहीं है। जिसने गलती की उसी का दायित्व है कि वह व्यवस्थित प्रक्रिया से पशु का अंतिम संस्कार करे। मैंने चिकित्सक को बुलाया जरूर था, लेकिन कार में शव नहीं भराया। यह आरोप सरासर गलत है।
दिव्या मित्तल, पुलिस उप अधीक्षक एमबीसी प्रभारी, उदयपुर

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