
उदयपुर . केन्द्र सरकार की सेन्टर ऑफ एक्सलेंसी इन इलेक्ट्रॉनिक्स (सीओई योजना) की विफल होने से इसके विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। पहले ही विद्यार्थियों के लिए एक साथ पांच विधाओं में प्रवीणता पाना मुश्किल था, मगर जब उन्होंने जैसे-तैसे पाठ्यक्रम पूरा कर लिया तो उन्हें रोजगार नहीं मिल पा रहा है। एेसे में ये पढ़-लिखकर भी बेकार हो गए हैं। हालांकि सरकार ने अब इसे बंद कर दिया है। नेशनल काउसिंल फोर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) ने कुछ वर्ष पूर्व सीओई योजना शुरू की थी। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, इलैक्ट्रिकल, फिटर, कम्प्यूटर ऑपरेटर व कारपेन्टर की पढ़ाई एक साथ करवाई जाती थी ताकि विद्यार्थी इन पांचों विधाओं में पारंगत हो सके। दो वर्ष के पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को ये पांचों विषय दो-दो माह में पढ़ाए जाते थे।
इसलिए हुए बंद : आईटीआई के प्रशिक्षक अनिल खण्डेलवाल ने बताया कि जब भी कोई सीओई को कोर्स पूर्ण कर नौकरी के लिए किसी कंपनी में पहुंचता या स्थानीय स्तर पर नौकरी का प्रयास करता तो नियोक्ता सीआेई से अनभिज्ञता व्यक्त करता था। किसी एक ट्रेड का नाम लेने पर आसानी से काम हो जाता है, लेकिन जब सीओई की बात होती तो हर कोई आश्चर्य प्रकट करता था कि यह क्या है। सीओई की अलग से कोई वेकेन्सी भी नहीं आने से इसे अब धीरे-धीरे बंद करना पड़ा।
अब करें भी तो क्या... : सीओई किए दो विद्यार्थी योगेश व राजीव (बदले हुए नाम) उदयपुर में ही रहते हैं। जहां भी गए उन्हें नौकरी नहीं मिल पाई। ज्यादा समय तक किसी ट्रेड में नहीं पढऩे के कारण अब आगे भी उन्हें परेशानी हो रही है। कई बार आईटीआई में भी गए, लेकिन वहां से कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। राजीव ने बताया कि कई विद्यार्थी है, जो परेशान हैं।
बंद कर दिया है केन्द्र सरकार ने
नौकरी की उपलब्धता में परेशानी के कारण केन्द्र सरकार ने इसे बंद कर दिया है। एक ही ग्रुप में कई ट्रेड होने के कारण प्रशिक्षण में काफी दिक्कतें आती थी। हमारे यहां से आखिरी बैच करीब दो साल पहले उत्तीर्ण हो चुका।
राजकुमार बागोरा, प्रधानाचार्य, औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र, उदयपुर
Published on:
11 Jan 2018 02:24 pm
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