
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/राजसमन्द. कांकरोली थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय युवती की 37 साल के युवक से दो साल पहले शादी कराए जाने के मामले में बाल कल्याण समिति ने संज्ञान लिया। काउंसलिंग के दौरान युवती ने शादी खत्म करने की बात करने पर समिति ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सहायता के लिए पत्र लिखा है।
बाल कल्याण समिति के समक्ष जिले के कांकरोली थाना क्षेत्र के एक प्रकरण में पति की ओर से अपनी पत्नी के घर से चले जाने के मामले में प्रकरण दर्ज कराया, इसमें अनुसंधान अधिकारी की ओर युवती को धारा 363 में दस्तयाब कर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति की ओर से प्रकरण की जांच में युवती के नाबालिग होने व पति से उसकी दुगनी आयु होने के तथ्यों को देखते हुए आवश्यक बैठक की गई। इसमें अध्यक्ष कोमल पालीवाल, सदस्य बहादुरसिंह चारण, हरजेन्द्र चैधरी, रेखा गुर्जर एवं सीमा डागलिया उपस्थित रहे।
अध्यक्ष पालीवाल ने बताया कि पति की आयु एफआईआर में 37 वर्ष बताई गई है, जबकि बालिका के विद्यालय दस्तावेज के अनुसार वर्तमान में 17 वर्ष है। विवाह करीब दो वर्ष पूर्ण होने के तथ्यों को देखते हुए संबंधित थानाधिकारी को विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 9 के तहत विधिनुसार कार्यवाही के लिए पत्र लिखा है। बालिका ने काउंसलिंग के दौरान विवाह समाप्त कराने की बात कही। इस पर उसके प्रार्थना पत्र देने को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित कर विधिक सहायता के लिए पत्र लिखा। बालिका को परिवार में पुनर्वासित करते हुए परिवार की ओर से बालिका को 18 वर्ष की आयु तक संरक्षण में रखने, शिक्षा व स्वास्थ्य की जिम्मेदारी का निवर्हन करने के लिए पाबंद कर पुनर्वासित किया गया है।
Updated on:
15 Mar 2023 04:03 pm
Published on:
15 Mar 2023 03:59 pm
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