
उदयपुर . शहर के हिरणमगरी सेक्टर-3 स्थित राधिका चाइल्ड केयर सेन्टर में मिले दो नवजात में से एक की जैविक मां ने सामाजिक मजबूरी बताते हुए बच्चे को प्रशासनिक कमेटी को सुपुर्द कर दिया। सीडब्ल्यूसी ने उसे संरक्षण में लेते हुए राजकीय शिशगृह भिजवाया। मुम्बई में गिरफ्तार चाइल्ड सेंटर की संचालिका का प्रोडक्शन वारंट पर उदयपुर आने पर ही दूसरे बच्चे के बारे में खुलासा हो पाएगा।
इधर, गत दिनों लापता हुई सेंटर पर नवजातों की देखरेख करने वाली 12 वर्षीय किशोरी शनिवार को मां-बाप के साथ कमेटी के समक्ष पेश हुई। मां-बाप ने आर्थिक तंगी के चलते बच्ची को संचालिका के पास पढ़ाई के लिए छोडऩा बताया, लेकिन बच्ची गत एक वर्ष में एक भी दिन स्कूल नहीं गई।
बयानों के बाद बालिका मां-बाप के साथ पुन: लौट गई। इधर, एडीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी ने दोपहर को सेंटर का पुन: निरीक्षण कर पड़ोसियों से पूछताछ की। शाम तक कमेटी ने मामले की पूरी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है जिसे जिला कलक्टर के निरीक्षण के बाद हाईकोर्ट को भेजेंगे।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका में सात मार्च के अंक में ‘परवरिश की आड़ में मासूमों की सौदेबाजी’ व ‘रसोई में शराब की खाली बोतल, इधर दूध पीते दो मासूम, देखते ही किया दरवाजा बंद’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने राधिका चाइल्ड केयर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
इसके बाद हाईकोर्ट रजिस्ट्रार के आदेश पर प्रशासनिक कमेटी मामले की जांच में जुटी। दोपहर को एडीएम (सिटी) सुभाष शर्मा, बाल अधिकारिता विभाग की मीना शर्मा व सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष प्रीति जैन, सदस्य बी.के.गुप्ता, हरीश पालीवाल व राजकुमारी भार्गव की टीम ने रिपोर्ट का निरीक्षण किया। सेंटर की संचालिका राधिका पत्नी बंशीलाल साहू अभी मुंबई में न्यायिक हिरासत में है। हिरणमगरी थानाधिकारी जितेन्द्र आंचलिया ने बताया कि सोमवार को न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट लेकर टीम उसे मुंबई से गिरफ्तार कर उदयपुर लाएगी।
एक दिन भी नहीं भेजा स्कूल
नवजातों की देखरेख करने वाली किशोरी संचालिका की पुत्री के पास ही थी और वह लगातार पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह कर रही थी। बालिका के मां-बाप ने आर्थिक तंगी के चलते बच्ची को पढ़ाने-लिखाने के लिए एक साल पहले संचालिका राधिका पत्नी बंशीलाल साहू को सौंपना बताया लेकिन उन्होंने कभी उसका हाल भी नहीं जाना। एक साल में यह बच्ची कभी भी स्कूल की दहलीज नहीं चढ़ी।
मां-बेटी के भी हुए बयान
सेंटर पर दो माह रही सुपर्णा व उसकी दस वर्षीय बच्ची के भी कमेटी के समक्ष बयान हुए। मां ने सेंटर में होने वाली अनैतिक गतिवधियों व संचालन के बारे में पूरी जानकारी दी तथा उसकी बच्ची ने राधिका द्वारा उसे डराने व मां के विरुद्ध पुलिस के समक्ष बयान देना बताया। इतना ही नहीं उसने संचालिका के पुत्र द्वारा मारना-पीटना भी बताया।
Published on:
11 Mar 2018 03:10 pm
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