
उदयपुर . नगर निगम ने शनिवार उदयपुर शहर के विकास को लेकर 248 करोड़ रुपए का बजट पारित किया। इस अवसर पर बोर्ड बैठक के बाहर ही सफाईकर्मियों की भर्ती की मांग को लेकर वाल्मीकि समाज के लोग प्रदर्शन कर रहे थे, नारेबाजी के बीच अंदर बोर्ड बैठक चल रही थी, जैसे ही कटारिया मीर्टिंग कक्ष से निकले तो बाहर जिस तरफ वाल्मीकि समाज के लोग नारेबाजी कर रहे थे उस मुख्य द्वार से जाने की बजाय कटारिया पीछे के रास्ते से निकले।
बैठक में सत्तारूढ़ भाजपा के पार्षदों ने सवालों की झड़ी लगाते हुए कहा कि शहर में जनता परेशान हो रही है। हम कोई बात रखते है तो उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में आप अंदाज लगा सकते हैं कि लोगों की क्या स्थिति होगी। विपक्ष के बजाय इस बार भाजपा पार्षदों ने गुस्सा जाहिर किया कि बोर्ड बैठक तो समय पर बुलाई जाए। महापौर से पार्षदों ने कई पुराने निर्णयों की क्रियान्वित नहीं होने पर भी विरोध जताया।
निगम के मीटिंग हॉल में दोपहर तीन बजे शुरू हुई बैठक में निर्माण समिति के अध्यक्ष पारस सिंघवी ने जनता से जुड़े कई सवाल उठाते हुए कहा कि इस सदन ने जो निर्णय किए, उनकी क्रियान्विति क्यों नहीं हुई। इसके जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ सदन कार्रवाई क्यों नहीं करता है। सिंघवी का साथ भाजपा पार्षद पंकज भंडारी, नानालाल वया, रेखा चौहान, रमेश चंदेल, केसरसिंह सिसोदिया, वेणीराम सालवी सहित कई पार्षदों ने दिया।
विपक्ष से नेता प्रतिपक्ष मोहसिन खान, नजमा मेवाफरोश व राशिद खान ने भी उनका समर्थन किया। महापौर चन्द्रसिंह कोठारी ने सवालों की बौछार का एक-एक कर जवाब दिया, वहीं आयुक्त सिद्धार्थ सिहाग ने भी अपना पक्ष रखा।
Published on:
11 Mar 2018 01:47 pm
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