
चांद के आसपास बना घेरा
उदयपुर. मंगलवार को चांद के चारों तरफ बना घेरा (वलय) लोगों के लिए आकर्षण बना रहा। घेरा ऐसा लग रहा था जैसे बादल और धुंध की पतली लकीर चांद के चारों ओर बन गई थी। चांद के साथ ही वह भी घूमता प्रतीत हो रहा था। खगोल विज्ञानी प्रो.एस एनए जाफरी ने बताया कि सितम्बर-अक्टूबर और फरवरी-मार्च के महीने में अमूमन ऐसा देखा जाता है। इस समय चांद के चारों तरफ गोल घेरा बन जाता है, जिसे 'हैलो ऑफ मून' कहते हैं।दरअसल आकाश में बादलों में आइस क्रिस्टल होते हैं जो कई बार चांद की रोशनी से टकराते हैं। इससे रोशनी प्रतिबिम्बित होती है और इस तरह का घेरा बनता हुआ दिखता है। विज्ञानियों के अनुसार, यह एक सामान्य खगोलीय परिघटना है। इसे कुछ लोग मून रिंग या विंटर हैलो के अलावा निम्बस या आइसबो भी कहते हैं। कई बार यह सूर्य के भी चारों तरफ घेरा बनता है और ऐसी स्थिति में इसे सोलर हैलो कहते हैं। इस घटना को कैमरे में कैद किया फोटो जर्नलिस्ट कृष्णा तंवर ने।
Updated on:
06 Nov 2019 05:23 pm
Published on:
06 Nov 2019 05:04 pm
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